तीन तलाक बिल

एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी द्वारा 1 लाख रुपये दहेज की रकम की व्यवस्था करने से इनकार करने पर कथित तौर पर उसे बीच सड़क पर तलाक दे दिया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

बिल के पक्ष में 147 और विपक्ष में 42 वोट पड़े। बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव पहले ही गिर चुका था। लोकसभा से इस बिल को मंजूरी दी जा चुकी है अब कानून में संशोधन करने का रास्ता साफ हो गया है।

यह याचिका अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद अली ने दायर की है। इस जनहित याचिका में इस अधिनियम की धारा 3 और 4 को रद्द करने की मांग की गई।

बता दें कि तीन तलाक बिल संसद के दोनों सदनों से पहले ही पास हो चुका है। मोदी सरकार ने इस बिल को 25 जुलाई को लोकसभा में और 30 जुलाई को राज्यसभा में पास करवाया था।

अब त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं से खास अपील की है और उन्होंने ट्वीट कर महिलाओं की मदद करने की बात की है।

तीन तलाक बिल एक लंबे चर्चे और काफी ज्यादा दलिलों के बाद आखिरकार लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया है। संसद के दोनों सदनों में बिल को मंजूरी मिल गई है। 

तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है क्योंकि 33 साल बाद आज यह सदन सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए चर्चा कर रहा है

यह बिल आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में आरटीआई संशोधन जैसे बिलों की सफलता से उत्साहित बीजेपी अपने पक्ष में जरूरी नंबर जुटाने में लग गई है।

विपक्षी दलों का रुख देखते हुए ये साफ है कि इस बिल को राज्यसभा में पास कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, वो भी तब जब भाजपा को राज्यसभा में बहुमत प्राप्त नहीं है।

तीसरी बार लोकसभा में पेश किया गया तीन तलाक बिल एक बार फिर से पास हो गया है। कांग्रेस समेत डीएमके, एनसीपी और कई विपक्षी पार्टियों ने इस बिल का विरोध जरुर किया। लेकिन फिर भी इस बिल को पास कर दिया गया।