त्रिपुरा

त्रिपुरा ने मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में प्रदर्शन और विकास के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर कई सफलता दर्ज की है। जिसका ताजा उदाहरण है इंडिया टुडे का स्टेट ऑफ़ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2019 में दिया गया पुरस्कार।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने अपना एक महीने का वेतन 29 हजार रुपये बेसहारा बच्चों की देखभाल करने वाले एक संगठन को दान कर दिया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने रविवार को कहा कि 181 साल पुरानी राज्य की राजधानी को एक आधुनिक हरा भरा शहर बनाने के लिए ग्रीन अगरतला परियोजना के साथ-साथ करोड़ों रुपये की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं चलेंगी।

भारतीय जनता पार्टी के महासचिव राम माधव ने शुक्रवार को त्रिपुरा में कहा, 'यदि कोई पार्टी सबसे ज्यादा सत्ता में रही है तो वह कांग्रेस है। कांग्रेस ने 1950 से 1977 तक देश में शासन किया है। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि मोदीजी यह रिकॉर्ड तोड़ने जा रहे हैं। 2047 में आजादी के 100वें वर्ष में प्रवेश करने तक भाजपा सत्ता में काबिज रहेगी।'

मुख्य सचिव कुमार आलोक ने शुक्रवार रात एक अधिसूचना में कहा था, "सुदीप रॉय बर्मन को मंत्रिपरिषद से हटा दिया गया है। राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने मुख्यमंत्री की सलाह पर यह कदम उठाया है।"

मूसलाधार बारिश के बाद त्रिपुरा की मानु, जुरी, काकती नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति काफी ज्यादा गंभीर हो गई है। नॉर्थ त्रिपुरा के साथ उनाकोटि और धलाई जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक- बाढ़ की वजह से 1039 घर तबाह हो गए हैं। जान बचाने के लिए लोगों को दूसरी जगहों पर पलायन करना पड़ रहा है।

त्रिपुरा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को हटाने की मांग करते हुए भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने दो मई को मुख्य निर्वाचन आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा था। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों लोकसभा चुनाव के प्रचार में जुटे हुऐ हैं। रविवार को प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा के उदयपुर में रैली की जहां उन्होंने मध्यम वर्ग को लेकर कांग्रेस और लेफ्ट पर निशाना साधा। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मध्यम वर्ग को सजा देने का मन बना चुके हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि आरएसएस को देश चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और देश के लोग, खासतौर से पूर्वोत्तर के लोग अपनी जमीन और राष्ट्र पर शासन करेंगे। 

त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी की गठबंधन सरकार की महिलाओं के प्रति अपराधों और नशे के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण महिलाओं के प्रति अपराधों में पिछले एक साल में लगभग नौ फीसदी कमी दर्ज की गई है।