दिग्विजय सिंह

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कुछ कांग्रेसियों की आत्मा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा प्रवेश कर जाने की बात कही है।

मध्यप्रदेश से रिक्त हो रही तीन राज्यसभा सीटों में से दो के कांग्रेस के खाते में आना तय है और इसके लिए जोर-आजमाइश के आसार बनने लगे हैं, क्योंकि इसके लिए आधा दर्जन दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं।

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के लिए विरोधी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ज्यादा 'अपने' ही यानी कांग्रेस के नेता ही मुसीबतें खड़ी करने में लगे हैं। पार्टी लगातार हिदायतें दे रही है, मगर किसी पर कार्रवाई करने का साहस नहीं दिखा पा रही है, यही कारण है कि मुसीबतें खड़ी करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।

भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति के लिए नामित किए जाने पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोलते हुए गुरुवार को कहा कि यह विडंबना है कि इस तरह के सदस्य को उन्होंने जगह दी, जबकि उनके पास कई साफ छवि वाले नेता हैं। कांग्रेस सचिव प्रणव झा ने आईएएनएस से कहा, "यह विडंबना है कि ऐसे इंसान को सरकार ने रक्षा समिति में जगह दी है।"

भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा मंत्रालय की कमेटी में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। साध्वी प्रज्ञा को रक्षा मंत्रालय की कमेटी का सदस्य बनाया गया है, इस कमेटी की अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं।

कांग्रेस पार्टी नेता दिग्विजय सिंह उन्हें देखने अस्पताल गए थे। इस दौरान दिग्विजय सिंह की बातों से लग रहा था कि, वो कहना चाह रहे थे कि प्रदेश की सरकारी अस्पतालों की स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ी है। 

अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में छाए रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अब अपने पार्टी के नेताओं के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। उनके निशाने पर आधे से ज्यादा कांग्रेसी हैं, जिनके बारे में उन्होंने कहा है कि वे नहीं जानते की आर्टिकल-370 है क्या?

मीडिया से बात करते हुए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मेरा आपके माध्यम से मुख्यमंत्री कमलनाथ को एक संदेश है कि आप मजबूत मुख्यमंत्री बनकर काम करें, मजबूर मुख्यमंत्री बनकर काम मत करिए। उन्होंने कहा कि अभी तक जो प्रयास हो रहे हैं वह यह कि सरकार बचाओ, बचाओ, बचाओ।

अयोध्या रामजन्मभूमि मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के आए फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा बाबरी मस्जिद ढांचा गिराए जाने वालों को सजा देने का सवाल उठाने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा कि, विकृत मानसिकता को जवाब समाज स्वयं देगा।

इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए वीर सावरकर की लिखित में प्रशंसा की थी। अब इंदिरा गांधी के इस पत्र के सामने आने के बाद कांग्रेस इस मामले पर भी बैकफुट पर आती नजर आ रही है।