दिग्विजय सिंह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आतंकवाद के मुद्दे पर एक खास किस्म की विचारधारा के लिए मशहूर हैं। वे अकसर ही भगवा आतंकवाद के नाम पर शोर मचाते आए हैं।

राज्यसभा में UAPA बिल पर गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आंतकवाद के खिलाफ इस बिल पर सदन के अंदर एकमत होना चाहिए था तो देश में अच्छा संदेश जाता।

फिल्‍म अभिनेत्री शबाना आजमी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आजकल ऐसा माहौल है कि सरकार की आलोचना करने वाले को राष्‍ट्रविरोधी कह दिया जाता है।

कांग्रेस के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मेरे ट्वीट डिलिट हो रहे हैं। मेरे ट्वीट को रीट्वीट करने की सुविधा को रोक दिया गया है।

बाबा बैराग्यानंद ने मई माह में लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिह को चुनाव जिताने के लिए राजधानी के कोहेफिजा इलाके में मिर्ची यज्ञ किया था। इसी के दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि यदि दिग्विजय सिह लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट से चुनाव नहीं जीते तो वह (बाबा बैराग्यनंद) हवन-कुड में समाधि ले लेंगे।

वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा ने इससे पहले दिग्विजय सिंह की जीत के लिए भोपाल में 5 क्विंटल मिर्ची से यज्ञ कराया। दिग्विजय खुद भी इस यज्ञ में शामिल हुए थे। वैराग्यानंद ने मीडिया से बातचीत में भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा पर भी खूब निशाना साधा था।

देश की सबसे हॉट सीट भोपाल मानी जा रही है। जहां सीधा मुकाबला आतंकवाद के आरोपों का सामना कर रही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बीच में है। साध्वी इस चुनावी लड़ाई को धर्म युद्ध साबित कर चुकी है।

मध्य प्रदेश की सबसे हॉट सीट भोपाल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को शुरुआती रुझान में बढ़त मिली है। राज्य की सबसे हॉट सीट भोपाल में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और भाजपा की साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बीच कड़ी टक्कर है।

चुनाव आयोग ने धूनी रमाने और हठयोग करने पर कंप्यूटर बाबा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। आयोग के नोटिस पर कंप्यूटर बाबा ने अपना जवाब दिया था। कंप्यूटर बाबा ने कहा था कि उन्होंने हठयोग में दिग्विजय सिंह को नहीं बुलाया था और न ही हठयोग का खर्च उन्होंने उठाया।

दिग्विजय वाणी से चतुर है। वाणी भाव में भाग्येश उच्च का शुक्र व वाणी भाव का स्वामी गुरु एकादश लाभ भाव में स्वराशि का होने से हमेशा वाणी की वजह से चर्चा में रहे है। तृतीय भाव में मेष का राहु होने से दिग्विजय विरोधियों पर भारी पड़ते हैं।