दिग्विजय सिंह

भोपाल लोकसभा सीट दिग्विजय सिंह के लिए साख का सवाल बन गई है। अपनी जीत को सुनिश्चित करने के लिए ‘दिग्गी राजा’ ने पूरी ताकत झोंक दी है। संसदीय क्षेत्र में चुनावी जमावट के लिए ही दिग्विजय सिंह का वॉर रूम भी बनकर तैयार है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री सिंह 28 मार्च को सीहोर के चिंतामन गणेश मंदिर दर्शन करने गए थे। बाहर निकलने पर उन्होंने भिखारियों को रुपये बांटे थे।

लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर राजनीति तेज हो गई है। राज्य की सत्ता पर मौजूद कांग्रेस सरकार ने भोपाल स्थित आरएसएस के मुख्यालय से सुरक्षा हटाने का फैसला किया है। जिससे कि उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह नाराज हो गए हैं। 

भाजपा में भोपाल सीट से उम्मीदवारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पार्टी के प्रदेश महामंत्री वी. डी. शर्मा, वर्तमान सांसद आलोक संजर, महापौर आलोक शर्मा के नाम की चर्चा है।

मध्य प्रदेश की भोपाल सीट पर लोकसभा चुनाव लड़ने की उठापटक का दौर जारी है। कांग्रेस द्वारा दिग्विजय सिंह को वहां से लोकसभा प्रत्याशी बनाए जाने के तुरंत बाद ही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने उन पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह देश के दुश्मन हैं। साध्वी ने उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की मंशा भी जताई है।

पहले पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा किए गए एयर स्ट्राइक के सबूत मांगे और अब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को दुर्घटना बता दिया। जिसको लेकर सोशल मीडिया पर उनकी चौतरफा निंदा हो रही है।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा 'दुर्घटना' बताए जाने के बाद केन्द्रीय मंत्री वीके सिंह ने पलटवार किया है।

अक्सर अपने विवादित बयानों के लेकर सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान के बालाकोट में हुई भारतीय वायुसेना के हवाई हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवालों की झड़ी लगा दी है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भारत द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्टाइक के सबूत जारी करने की शनिवार को मांग की।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कैग की रिपोर्ट के बावजूद कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा राफेल सौदे पर हस्ताक्षर आगामी लोकसभा चुनाव में मुद्दा बना रहेगा।