दिल्ली चुनाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को एक बार फिर से करारा झटका लगा। पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी।

कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता व पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मंगलवार को यह स्वीकार किया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर से पतन हुआ है।

दिल्ली के साथ ही भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पिछले दो साल में छह राज्यों में सत्ता गंवा चुका है। पिछली बार दिल्ली में महज 3 सीटें जीतने वाली भाजपा को इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी।

इन सबके बीच भाजपा नेता रमेश खन्ना  अभी भी कर रहे हैं कि हम ही जीत रहे हैं हमारी ही सरकार बनेगी। हमारा अनुभव है कि लोगों का मन सरकार बदलने का है इस बार बीजेपी सरकार आने वाली है।

दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों की मंगलवार को जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को भारी बढ़त देखते हुए यहां पार्टी कार्यालय पर जश्न की तैयारी शुरू हो गई है।

दिल्ली चुनाव को लेकर मतगणना जारी है, वहीं शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन भी जारी है। आज शाहीनबाग में सुबह से ही काफी शांति दिखाई दी जब इसकी वजह जानी तो एक अलग ही नजारा देखने को मिला।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 8 फरवरी को हो चुका है। हालांकि अभी तक चुनाव आयोग ने वोटिंग पर्सेंट जारी नहीं किया था।

आम आदमी पार्टी लगातार ईवीएम का सवाल उठा रही है। वह बार-बार ईवीएम में धांधली की बात कर रही है। यह हाल तब है जब सभी एग्जिट पोल में उसकी ही सरकार दिखाई गई है।

दिल्ली चुनाव के नतीजे 11 फरवरी को आएंगे, और तभी साफ हो पाएगा कि सरकार किसकी बनेगी और किसको कितना वोट शेयर मिला। भाजपा नेताओं की तरफ से भी दावा किया जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है।

सामान्य वर्ग के वोट की बात करें तो, आजतक ऐक्सिस माए इंडिया के एग्जिट पोल के हिसाब से 50 फीसदी लोगों ने आम आदमी पार्टी पर, और 45 फीसदी लोगों ने भाजपा पर विश्वास जताया है।