दिल्ली चुनाव

दिल्ली चुनावों के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं के जरिए इन चुनावों में सफलता पाने का प्लान तैयार किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह खुद इन कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे।

केजरीवाल ने बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी के फिल्मी बैकग्राउंड पर भी निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का नारा "अबकी बार, 67 पार" होगा, जबकि बीजेपी का नारा अबकी बार तीन पार है।"

कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेता सुभाष चोपड़ा पर भरोसा जताते हुए उन्हें दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। इसके साथ ही भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए कीर्ति आजाद को राज्य के कैंपेन कमिटी का चीफ बनाया गया है।

चार बार कांग्रेस पार्टी से विधायक रह चुके साहनी ने साल 1998 में पहली बार चांदनी चौक सीट से विधानसभा चुनाव जीता था। उसके बाद वो 2003, 2008 और 2013 में फिर से निर्वाचित हुए।

शाह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से कहा कि वह दिल्ली से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारियों और ब्यूरोक्रेट्स के साथ को-ऑर्डिनेट करके यह सुनिश्चित करें कि केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का लाभ दिल्ली की जनता को मिले।

इसी साल के शुरुआत में आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ भाजपा में शामिल होने वाले दो विधायक अनिल बाजपेयी और देवेंद्र सहरावत को दिल्ली विधानसभा के स्पीकर राम निवास गोयल ने आयोग्य करार दे दिया है।

जहां एक तरफ कांग्रेस 2019 के लोकसभा चुनाव में उम्मीद कर रही है कि वो इस बार अच्छा प्रदर्शन करेगी तो वहीं दूसरी तरफ उसके ही नेता अपना खेमा बदलने में लगे हैं। बता दें कि 12 मई को दिल्ली की सात लोकसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं।