दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस के डीसीपी ( स्पेशल सेल )संजीव कुमार यादव ने बुधवार को बताया कि आईएसआईएस के आतंकी लॉक डाउन के बीच दिल्ली पुलिस के जवानों को निशाना बना सकते हैं।

दरअसल तबलीगी जमात के आयोजक मौलाना मोहम्मद साद का एक ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह कोरोना का जिक्र करते हुए कहते हैं कि मरने के लिए मस्जिद से अच्छी जगह नहीं हो सकती। इससे साफ है कि उन्हें पहले से पता था कि ऐसे जुटने से कोरोना का खतरा है। वायरल ऑडियो में मौलाना साद कई बातें कहते सुनाई दे रहे।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मौलाना के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही मौके पर डॉक्टरों की एक टीम डेरा डाले हुए हैं।

कोरोनावायरस के बीच कुछ लोग लॉक डाउन का पालन नहीं कर रहे हैं जिसकी वजह से केंद्र सरकार ने राज्यों को सख्ती से लॉकडाउन का पालन कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही केंद्र ने सभी राज्यों को कहा है कि प्रवासी मजदूरों के लिए सभी तरह के जरूरी इंतजाम किए जाएं, जहां वे मौजूद हैं

एक जिम्मेदारी दिल्ली नॉर्थ वेस्ट की डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) विजयंता आर्या और उनकी टीम ने ली है, ये लोग मजलिस पार्क में एक कैंप में रह रहे पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को 21 दिन की कोरोनावायरस लॉकडाउन अवधि के दौरान आवश्यक सामान उपलब्ध करा रहे हैं।

पुलिस ने मंगलवार सुबह प्रदर्शन स्थल को पूरी तरह से खाली करवा लिया है। इसके अलावा वहां प्रदर्शन के दौरान लगाए गए टेंट को भी हटा दिया गया है। साथ ही नोएडा-कालिंदी कुंज सड़क को भी खाली करा लिया गया है।

दिल्ली के शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को बंद करवाने को लेकर दो गुट शनिवार देर रात आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में करीब आधे घंटे तक मारपीट और गालीगलौज हुई। एक गुट चाहता था कि प्रधानमंत्री के द्वारा 'जनता कर्फ्यू' के ऐलान का समर्थन किया जाए, जबकि दूसरा गुट इस आह्वान का पालन करने को तैयार नही था।

शाहीनबाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ जारी प्रदर्शन से जुड़े एक प्रदर्शनकारी में कोरोनावायरस की पुष्टि हुई है। जहांगीरपुरी निवासी इस शख्स की बहन इसी महीने सऊदी अरब से आई है, जो संक्रमित पाई गई है।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि पूरे देश में कोरोनावायरस फैल रहा है , इसलिए वो प्रदर्शन बंद कर दें। कम से कम जनता कर्फ्यू वाले दिन प्रदर्शन नहीं करें।

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में हाल ही में हुई हिंसा के लिए गिरफ्तार किए गए दो लोगों को जमानत देते हुए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की। मुख्य महानगर दंडाधिकारी पवन सिंह ने अनमोल और राहुल नागर को जमानत पर रिहा करते हुए कहा, "यह स्पष्ट है कि आरोपियों को जमानती अपराध में गिरफ्तार किया गया था।