दिल्ली पुलिस

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक मार्च के दौरान एक युवक ने गोली चला दी, जिसमें एक छात्र घायल हो गया है।

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से राजघाट तक मार्च के दौरान एक युवक ने गोली चला दी, जिसमें एक छात्र घायल हो गया है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम से पूछताछ में शरजील इमाम ने स्वीकार किया कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में भड़काऊ भाषण देने का वीडियो उसका ही है। साथ ही शरजील ने ये भी बताया कि वायरल वीडियो में कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है।

आपको बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शन को लेकर हुई जामिया हिंसा में सरकारी बसों को आग लगा दी गई थी और राहगीरों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई थी।

जहानाबाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को उसकी सुरक्षा पर ध्यान देने का निर्देश दिया। सुरक्षा के लिहाज से शरजील को पटना के गर्दनीबाग स्थित महिला थाना परिसर में एक कमरे में रखा गया। उसकी निगरानी में दिल्ली पुलिस के दो अधिकारी के अलावा बिहार पुलिस के कमांडो भी थे।

शरजील के ऊपर जो धाराएं लगी हैं, उसमें आईपीसी की 124 ए, 153 ए और 505 ए धारा शामिल हैं। शरजील पर इन्हीं धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

देश को टुकड़ों में बांट देने जैसा विवादित भाषण देने के बाद छिपते फिर रहे जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय का छात्र नेता शरजील इमाम किसी भी वक्त पुलिस के हाथ लग सकता है। बशर्ते वो हिंदुस्तान छोड़कर कहीं नेपाल न पहुंच गया हो तब। हालांकि दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को दावा किया कि शरजील जल्दी ही मिल जायेगा।

आपको बता दें कि शरजील पर केस दिल्ली और यूपी पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में पुलिस की टीम दिल्ली, यूपी समेत बिहार में भी छापेमारी कर रही हैं।

सूत्रों ने बताया कि रासुका कानून ऐसे व्यक्ति को एहतियातन महीनों तक हिरासत में रखने का अधिकार देता है, जिससे प्रशासन को राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए खतरा महसूस हो।

पूर्वी दिल्ली के सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने कहा कि इस मामले में एक लड़की ने उनसे मुलाकात कर मदद मांगी थी।