दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को जेएनयू मामले की जांच में अहम कामयाबी मिली है। पुलिस को अब तक अब तक लगभग 100 मोबाइल वीडियो फुटेज मिली है जिसमे प्रदर्शन से लेकर बवाल तक के वीडियोज हैं। यह फुटेज जेएनयू के गुनाहगारों की तक पहुंचने के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है।

दिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने के लिए जेएनयूएसयू अध्यक्ष आईशी घोष और 19 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

अब तक चार FIR दर्ज हुई है। सभी 34 घायल थे डिस्चार्ज हो गए हैं। पुलिस कॉल मिलते ही मौके पर पहुँची। परमिशन मिलते ही पुलिस मौके पर थी, स्तिथि कंट्रोल की। कोड वर्ड और जो वीडियो क्लिप मिले हैं उन पर जांच चल रही है।

रविवार को जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय(JNU) में हुए हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें पुलिस की तरफ से कहा गया कि, हमें कुछ सुराग मिले हैं और इस मामले को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।

बहरहाल, जेएनयू में हिंसा क्या विश्वविद्यालय प्रशासन की ढिलाई की वजह से हुई या फिर पुलिस की, कब विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को फोन किया, कब पुलिस पहुंची और कब लिखित में अनुमति मिली। इन सब बिंदुओं पर जांच जारी है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कमिश्नर को फोन कर रिपोर्ट तलब की है। नकाबपोश गुंडे किस संगठन से जुड़े हैं, इसकी भी तफ्तीश जारी है।

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हुई हिंसा की निंदा की है। दोनों केंद्रीय मंत्री जेएनयू के अलुमनाई हैं। जेएनयू परिसर में रविवार को कुछ नकाबपोश लोगों ने घुसकर छात्रों के साथ मारपीट की और तोड़फोड़ मचाई। नकाबपोश लकड़ी के डंडे और लोहे की छड़ से लैस थे।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में कुछ देर की शांति के बाद सोमवार तड़के तनाव फिर बढ़ गया। आक्रोशित छात्रों ने विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) आरएस  कृष्णया की अगुआई में परिसर में हो रहे पुलिस मार्च को अवरुद्ध कर दिया।

क्रिकेटर से नेता बने पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद गौतम गंभीर ने शनिवार को दिल्ली पुलिस को पत्र लिख कर कथित तौर पर अपनी और परिवार की जान को खतरा बताया है। उन्होंने पुलिस को कहा कि एक अंतर्राष्ट्रीय नंबर से उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है।

पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके, दरियागंज, दिल्ली गेट, दक्षिणी दिल्ली के कुछ इलाके, उत्तर पूर्व दिल्ली के इंद्रलोक, सीमापुरी, केंद्रीय दिल्ली के इंडिया गेट पर लोग नागरिकता कानून के खिलाफ सड़क पर उतरे। कुछ इलाके में लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया तो कहीं प्रदर्शन ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया।

फैसला सुनाते वक्त ये भी देखा गया कि दोषी कुलदीप सेंगर जज के सामने हाथ जोड़कर खड़े रहे। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई को पीड़िता और उसके परिवार को आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है।