दिल्ली पुलिस

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है। इस मौके पर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद भी वहां मौजूद हैं।

कोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा और बाद में जामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग पर नोटिस जारी किया है जिसपर अगली सुनवाई 4 फरवरी को होगी।

शिकायतकर्ता अलख द्वारा दी गई शिकायत में दिल्ली पुलिस से मांग की गई है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसौदिया के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए, ताकि वह बतौर मुलजिम कानून के दायरे में आ सकें।

नागरिकता संशोधन कानून, 2019 के विरोध में मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर, जाफराबाद और बृजपुरी में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान आगजनी करने के मामले में तीन मामले दर्ज किए जा चुके हैं और छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जामिया इलाके में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अब दिल्ली के सीलमपुर इलाके में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन के कारण जाफराबाद जाने वाले इलाके को बंद कर दिया गया। इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के द्वारा गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और आग लगाई गई।

दिल्ली में माहौल तनावपूर्ण होते देख लोगों से अपील की है कि लोग शांति बनाए रखें। इसको लेकर उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि, "मेरी सभी दिल्लीवासियो से अपील है कि शांति बनाए रखें।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दिल्ली के जामिया नगर इलाके में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 10 लोग गिरफ्तार किए हैं। मामले में किसी भी छात्र को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार इनकी गिरफ्तारी की है।

दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया कि वह बस जिसके बारे में कहा जा रहा है कि दिल्ली पुलिस ने आग लगाई है, डिपो में सुरक्षित खड़ी है। पुलिस के जवान सीट पर गिरी चिंगारी को बुझाने की कोशिश कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के इस दावे की चश्मदीदों ने भी तस्दीक की है।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि एक्शन उन्हीं के खिलाफ लिया जाएगा, जो इसमें शामिल हैं। हमने एक्शन में कम से कम पुलिस का इस्तेमाल किया है। दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि जब हमने प्रदर्शनकारियों को धकेलना शुरू किया, तो दोनों तरफ से पथराव हुआ।

संसद की तरफ जुलूस निकालने के लिए सैकड़ों की संख्या में छात्र जामिया मिलिया के बाहर जमा हो गए, लेकिन दिल्ली पुलिस के लाठी व आंसूगैस के गोले छोड़े जाने के बाद ज्यादातर छात्र भागने लगे।