दिल्ली सरकार

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर तमाम एग्जिट पोल के नतीजे संकेत दे रहे हैं कि दिल्ली में सत्ता की कुर्सी केजरीवाल के पास वापस जा सकती है। इसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी को उम्मीद बनी हुई है कि नतीजे एग्जिट पोल के उलट आ सकते हैं।

दिल्ली में कभी अरविंद केजरीवाल को खुलकर सपोर्ट करने वाले ऑटो रिक्शा चालकों ने अब केजरीवाल के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। ऐसा दावा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिसमें दिल्ली के ऑटो रिक्शा चालकों ने अपनी गाड़ियों पर केजरीवाल सरकार के खिलाफ पोस्टर्स लगाए हैं।

इस वीडियो में एक शख्स बात करते हुए केजरीवाल सरकार के कामों की सराहना कर रहा है, तभी उसके बगल एक शख्स ने उसे केजरीवाल का एजेंट बता दिया। शख्स ने कहा कि, आप तो ऐसे बोल रहे हो, जैसे उसने(केजरीवाल) एजेंट छोड़ रखा हो।

राष्ट्रीय राजधानी में सिविल लाइंस स्थित दिल्ली परिवहन विभाग के एक कार्यालय में सोमवार सुबह आग लग गई। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की कम से कम आठ गाड़ियां घटनास्थल के लिए भेजी गई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि AAP के वकील ने कोर्ट में कहा कि वर्तमान में रेपिस्ट को फांसी देने में देरी होगी। इतना नहीं दिल्ली सरकार ने इस मामले में नाबालिग आरोपी की रिहाई पर उसे दस हजार रुपये और सिलाई मशीन दी।

दोषियों की फांसी टलने से निर्भया की मां आशा देवी नाराज हैं, उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार नहीं चाहती है कि दोषियों को फांसी हो। उन्होंने कहा, फांसी में हो रही देरी के लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मुकेश के वकील को पटियाला हाउस कोर्ट जाने को कहा है। जिसका मतलब हाई कोर्ट में मुकेश की याचिका पर सुनवाई नहीं होगी।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान अगले कुछ दिनों में होने वाला है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को रिझाने के लिए अपने-अपने स्तर पर अभियान भी शुरू कर दिया है। इसी बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी आम आदमी पार्टी की सरकार के पांच साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड मंगलवार को जारी किया।

इस रैली के आयोजन के बारे में पार्टी की तरफ से कहा गया है कि, राष्ट्रीय राजधानी की 1734 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए आयोजित है।

यहां के तक़रीबन 35 से 40 लोग इस जैकेट फैक्ट्री में काम करते हैं। फैक्ट्री का मालिक जुबैर भी नरियार गाँव का ही रहने वाला है  जो यहाँ से लड़कों को अपने फैक्ट्री में ले जाकर जैकेट तैयार करवाने का काम करता था।