देवेंद्र फडणवीस

एक के बाद दूसरी हार को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी आत्ममंथन की प्रक्रिया में है। इसी कड़ी के तहत उन बड़े नेताओं को, जो किसी वजह से पार्टी से नाराज हैं मनाया जा रहा है। उन्हें साथ में जोड़ा जा रहा है। राज्यों के नेतृत्व से भी सभी को साथ लेकर चलने के लिए कहा गया है।

अजित पवार ने हालांकि फडणवीस के साथ मुलाकात के संबंध में सोमवार को बारामती में कहा कि राजनीति में कोई भी स्थायी दुश्मन नहीं होता। पवार ने एक मुस्कान के साथ कहा, "उन्हें आमंत्रित किया गया था।

फडणवीस ने आगे कहा कि अजित पवार ने हमसे संपर्क किया और कहा कि राकांपा(एनसीपी) कांग्रेस के साथ नहीं जाना चाहती। तीन पार्टियों की सरकार को नहीं चलाया जा सकता।

कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने चौंकाने वाला बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री केंद्र के 40 हजार करोड़ रुपये का दुरुपयोग होने से रोकने के लिए बनाया गया था।

शिवसेना की सबसे ज्यादा नाराजगी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से है। अपने सामना अखबार के जरिए वह देवेंद्र फडणवीस पर लगातार वार कर रही है। सामना के ताजा अंक में शिवसेना ने नेता विपक्ष के पद पर देवेंद्र फडणवीस की नियुक्ति पर भी सवाल उठा दिए हैं।

हेगड़े ने कहा, 'सीएम के पास करीब 40 हजार करोड़ की केंद्र की राशि थी। अगर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सत्ता में आते तो वे 40 हजार करोड़ का दुरुपयोग करते। यही कारण है कि केंद्र सरकार के इस पैसे को विकास के लिए इस्तेमाल में नहीं लाया जा सके, इसके लिए ड्रामा किया गया।'

महाराष्ट्र में सत्ता को लेकर बढ़ी तल्खी के बाद आज मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पूर्व सीएम और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस की जमकर तारीफ की। उद्धव ठाकरे ने सदन में बोलते हुए कहा, 'मैंने देवेंद्र फडणवीस से बहुत चीजें सीखी हैं और मैं हमेशा उनका दोस्त रखूंगा। मैं अभी भी 'हिंदुत्व' की विचारधारा के साथ हूं और इसे कभी नहीं छोड़ूंगा।' उन्होंने कहा कि पिछले 5 साल में मैंने कभी भी सरकार को धोखा नहीं दिया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया है। रविवार को औपचारिक तौर पर इस बात का ऐलान किया गया।

उन्होंने कहा कि बदलते सियासी माहौल में ताकत को पहचानने की जरूरत है, 8-10 दिन में बड़ा फैसला लूंगी। बता दें, फडणवीस सरकार में पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे अपने गढ़ परली से चुनाव हार गई थीं।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनी महाविकास अघाड़ी सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान भाजपा के सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया। जिसके बाद सदस्यों की गिनती कर बहुमत परीक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। सभी सदस्यों ने अपनी सीट पर उठकर नाम और क्रमांक बताया।