देवेंद्र फडणवीस

भाजपा को शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने समर्थन दिया है और फडणवीस के साथ ही अजीत पवार को डिप्टी सीएम बनाया गया है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने दोनों को शनिवार की सुबह शपथ दिलाई।

महाराष्ट्र की सियासी हलचल पर नितिन गडकरी ने कहा, ‘कांग्रेस-एनसीपी-कांग्रेस के बीच विचारधारा का अंतर है। अगर ये सरकार बन भी जाती है, तो बहुत आगे तक नहीं बढ़ पाएगी’।

इसी बीच शिवसेना नेता और प्रवक्ता संजय राउत ने एक और दावा किया है कि, इस सरकार में अगले पांच सालों तक शिवसेना का ही मुख्यमंत्री होगा।

शिवसेना के मुखपत्र सामना में आज केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। सामना में लिखा गया है कि आज रोजगार मर चुका है। इसके अलावा जीएसटी क्लेक्शन, बीपीसीएल, नौकरियां समेत कई मसलों पर सरकार को घेरा गया है।

सूत्रों की मानें तो कॉमन मिनिमम प्रोग्राम में तीनों पार्टियों के बीच इस मुद्दे पर मंथन चल रहा है। बता दें कि बुलेट ट्रेन प्रोग्राम में राज्य सरकारों की तरफ से भी पैसा दिया जाना है, इसमें जो महाराष्ट्र का हिस्सा है उसे रोक दिया जाएगा।

आपको बता दें कि संजय निरुपम लगातार शिवसेना के साथ जाने का विरोध कर रहे हैं और कांग्रेस के ही कुछ स्थानीय नेताओं पर इस गठबंधन को लेकर आरोप मढ रहे हैं।

इस बैठक के बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि दोनों पार्टी के नेताओं के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। इस दौरान महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन खत्म करने पर चर्चा हुई।

अब शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है और कहा जा रहा है सोनिया गांधी शिवसेना समर्थन वाली सरकार बनाने को तैयार हो गई हैं। एनसीपी के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है।

शिवसेना की ओर से यह संदेश सीधा उद्धव ठाकरे ने दिया है। शिवसेना के संसदीय दल की बैठक में भी इस बात की जानकारी दी गयी है। उधर शिवसेना और एनसीपी-कांग्रेस का मामला अभी भी फंसा हुआ है।

स्मृति सभा में श्रद्धांजलि देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने शिवसेना सरकार के समर्थन में नारे लगे। हालांकि श्रद्धांजलि देने के बाद उनका काफिला बिना किसी व्यवधान के सभा स्थल से रवाना हो गया।