धूम्रपान

मंत्रालय ने ‘कोविड-19 वैश्विक महामारी और भारत में तंबाकू का इस्तेमाल’ विषय पर अपने दस्तावेज में कहा कि विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि धूम्रपान करने वालों में कोरोनावायरस के अधिक गंभीर लक्षण दिखने या उनके मरने की आशंका अधिक है क्योंकि यह सबसे पहले फेफड़ों पर हमला करता है।

केजीएमयू लखनऊ के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष और कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि "धूम्रपान से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिसके चलते कोरोना जैसे वायरस आसानी से ऐसे लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। इसके अलावा बीमारी की चपेट में आने पर ऐसे लोगों के इलाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।"

हाल ही में हुए एक शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्भावस्था के शुरुआती चरण में धूम्रपान करने से शिशुओं की हड्डियों में फै्रक्चर होने का खतरा कुछ हद तक बढ़ जाता है। ऐसे कई सारे शोध हुए हैं, जिनमें पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान और शिशुओं की वृद्धि में आने वाली समस्याओं का एक सीधा संबंध है

दिल्ली के जंतर मंतर पर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का एक अलग ही रूप देखने को मिला। इस दौरान युवाओं को नशे में लिप्त देखा गया।

टीएचएस का परिणाम धूम्रपान में श्वास छोड़ने व सिगरेट के जलने से निकलने वाले धुएं के सतह जैसे कपड़े, बाल व फर्नीचर पर गिरने की वजह से होता है।

तम्बाकू का असर पुरुष प्रजनन क्षमता पर भी भारी दुष्प्रभाव डालता है। यह रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और रक्त प्रवाह को प्रभावित करता है। कुछ अध्ययनों में धूम्रपान के प्रभाव का इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और यौन प्रदर्शन में कमी से भी संबंध पाया गया है।

ऐसा देखा गया है कि तनावपूर्ण वातावरण लोगों को चटपटे, मसालेदार जंक फूड वगैरह खाने के लिए प्रेरित करते हैं। इस आदत ने पौष्टिक भोजन की परिभाषा को बिगाड़ दिया है।

अपनी तरह के एक पहले भारतीय शोध में यह पता चला है कि इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलिवरी सिस्टम (ईएनडीएस) जो कि ई-सिगरेट्स नाम से भी जाने जाते हैं, वे सामान्य सिगरेट की तुलना में स्वास्थ्य के लिए कम खतरनाक होते हैं तथा धूम्रपान छोड़ने का कारगर हथियार साबित हो सकते हैं।

धूम्रपान से सोराइसिस का खतरा दोगुना हो जाता है, क्योंकि निकोटिन के चलते त्वचा की निचली परत में रक्त संचार बाधित हो जाता है और त्वचा को ऑक्सीजन कम मिलती है।

नई दिल्ली। साल 2019 का आगाज हो चुका है और हम एक नए साल में प्रवेश कर गए है। ऐसे...