नमाज

पाकिस्तान की सरकार पर दबाव डालकर कोरोना काल में भी रमजान के महीने में सामूहिक नमाज की इजाजत हासिल करने के बाद अब देश के धर्मगुरुओं ने रमजान के बाद ईद की नमाज भी सामूहिक रूप से पढ़ने का आह्वान किया है।

आये दिन पुलिसकर्मी पर हमले की खबर आती है। ऐसा ही मामला आया असम के लखीमपुर में भी आया है। जहां नमाज पढ़ने से रोकने पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया।

पाकिस्तान में रमजान के महीने में कुछ शर्तो के साथ सामूहिक नमाज की इजाजत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

सबा नक़वी ने अपने ट्वीट में लिखा- क्या रज़ामन के दौरान अजान की अनुमति अब दिल्ली में नहीं है ?

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-16 में एक पिछले शुक्रवार को एक घर की छत पर कुछ लोगों द्वारा इकट्ठा होकर नमाज पढ़ने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद नोएडा में आज जुमे की नमाज के मद्देनजर मस्जिदों पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है

कश्मीर के श्रीनगर में कुछ लोगों ने कोरोनावायरस के बीच जुमे के दिन मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ने की कोशिश की। कई ऐसे भी लोग थे जिन्होंने शुक्रवार के दिन जुमे की सामूहिक नमाज का आयोजन किया। अब पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है

जमीयत ए उलेमा हिंद के मुखिया मौलाना अरशद मदनी ने भी अपील की है कि कोरोना की महामारी को देखते हुए मुसलमानों को मस्जिद की बजाय अपने घरों में नमाज अदा करनी चाहिए। 

मस्जिदों के पदाधिकारियों से नमाज के समय सिर्फ अजान करके लोगों को जानकारी देने का अनुरोध किया था और नमाज घरों में पढ़ने की बात कही थी।

कश्मीर से धारा 370 को हटाए जाने के बाद सुरक्षाबलों के सामने जो पहली सबसे बड़ी चुनौती थी, वह शांति के साथ पार हो गई। जुमे की नमाज के दौरान कहीं कोई उपद्रव नहीं हुआ। यहां तक कि श्रीनगर के डाउनटाउन से भी कोई बुरी खबर नहीं आई। इस बीच सुरक्षाबल पूरी तरह से मुस्तैद रहे।

एचवाईवी के एक सदस्य ने कहा कि वे लगातार हर मंगलवार को तब तक 'हनुमान चालीसा' का पाठ करेंगे, जब तक सड़कों पर नमाज पढ़ना बंद नहीं हो जाता।