नरेंद्र सिंह तोमर

Farmer Protest: दरअसल आंदोलन को अक्टूबर तक ले जाने को लेकर किसान नेताओं में आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। इसी के चलते किसान नेताओं में आपसी मतभेद नजर आ रहे हैं।

Farmers Protest: लाल किले पर हुई हिंसा और अराजकता में केंद्र सरकार को घेर रहे सभी दल, दीप सिद्धू का भाजपा से संबंध दिखाकर इसे अलग करने की कोशिश करने लगे और यह बताने लगे कि सरकार के द्वारा यह पूरी साजिश रची गई। ताकि किसानों के आंदोलन को कमजोर किया जाए। लेकिन इस लाल किले की अराजकता के माहौल के बीच जिस तरह से राजनीतिक दलों के नेताओं की फोटो वहां से वायरल हुई उसने इनकी पोल खोलकर रख दी।

Agricultural law: कृषि कानूनों के खिलाफ देश के पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार (Sharad Pawar) भी किसानों के समर्थन में उतर आए हैं। इससे पहले मुंबई के आजाद मैदान में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान वह मंच पर भी मौजूद थे। और उससे पहले वह राषट्रपति से मिलकर इन कृषि कानूनों को खारिज करने के लिए ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। शरद पवार यूपीए सरकार के दौरान कृषि मंत्री थे और उनके एक पत्र ने खूब सुर्खियां सोशल मीडिया पर बटोरी जब उन्होंने अपने समय में देश के सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर इस कृषि कानून को बनाने की इसी रूपरेखा पर बात की थी और राय मांगी थी।

Gazipur Border Update: गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार(UP Government) की तरफ से भी गाजीपुर बॉर्डर को खाली कराने का आदेश तो दिया गया लेकिन किसान नेता राकेश टिकैत(Gazipur Border) के आंदोलन को फिर से खड़ा करने के लिए जो आह्वान किया, उसके बाद से एक बार फिर गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है।

Narendra Singh Tomar: केंद्र सरकार(Central Government) ने किसानों को नए कृषि कानून के अमल पर डेढ़ साल तक रोक लगाने एक समिति बनाकर आंदोलन से जुड़े सभी पहलुओं का समाधान तलाशने का प्रस्ताव दिया है लेकिन किसानों द्वारा इस प्रस्ताव को नामंजूर करने और नए कृषि कानून को निरस्त करने की मांग पर वार्ता बेनतीजा रही।

Farmer Protest: बता दें कि आज की बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर(Narendra Singh Tomar) ने किसान नेताओं से कहा कि सरकार की तरफ जो प्रस्ताव दिए गए हैं, वे किसानों के हित में है।

Farm Laws: किसान नेता(Farmer Leaders) ने कहा कि, "सरकार ने कहा है कि हम कोर्ट में एफिडेविट देकर क़ानून को 1.5-2 साल तक होल्ड पर रख सकते हैं। कमेटी बनाकर चर्चा करके, कमेटी जो रिपोर्ट देगी, हम उसको लागू करेंगे।

Narendra Singh Tomar : बैठक खत्म होने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत(Rakesh Tikait) ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी स्वीकार नहीं है, किसान कानून वापस लेने पर अड़े हैं। अगली बैठक पर भी इन्ही मुद्दों पर बात होगी

Farm Law Issue: माझा किसान संघर्ष कमेटी, पंजाब(Punjab) के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने कहा कि, "सरकार ने 2 मांग मान ली हैं। हमारे 2 विषय रह गए हैं- MSP और 3 कृषि क़ानून। इन दोनों विषय पर 4 तारीख को 2 बजे बात होगी। आज बहुत अच्छे माहौल में बैठक हुई।"

Farmers Protest: सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का किसान प्रेम दूसरी बार एक महीने में सामने आया। इससे पहले केजरीवाल 8 दिसंबर को सिंघु बॉर्डर पहुंचे थे। उससे पहले कृषि बिल के पास होते ही सीएम केजरीवाल ने इस कानून को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी कर इसे दिल्ली में लागू कर दिया था। लेकिन जैसे ही कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज हुए केजरीवाल को बी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का मौका मिल गया।