नागरिकता संशोधन अधिनियम

Shaheen Bagh: राष्ट्रीय राजधानी के शाहीनबाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ सड़क पर धरने पर बैठने के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को टिप्पणी की कि लोगों के आने-जाने के अधिकार के साथ विरोध के अधिकार को संतुलित होना चाहिए।

जेएनयू (JNU) के शाोधछात्र शरजील इमाम (Sharjeel Imam) के खिलाफ दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा दाखिल एक नए आरोपपत्र में दावा किया गया है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को अखिल भारतीय स्तर पर ले जाने के लिए बेताब था और ऐसा करने के लिए जीतोड़ कोशिश कर रहा था।

सफूरा जरगर गर्भवती हैं और अदालत ने उन्हें मानवीय आधार पर जमानत दी है। इसको आधार बनाकर केंद्र सरकार ने भी उसकी जमानत का समर्थन किया।

गौरतलब है कि बीते 20 फरवरी को अमूल्या ओवैसी की नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आयोजित रैली में भाषण देने मंच पर आई थी लेकिन शुरुआत में ही उसने कथित तौर पर तीन बार पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए।

मंगलवार को जांच एजेंसी विभिन्न अदालतों के समक्ष तीन अलग-अलग मामलों में तीन आरोप पत्र दायर करेगी। तीन मामलों में मौजपुर चौक दंगा केस, कर्दमपुरी पुलिया दंगा केस और कर्दमपुरी सरकारी डिस्पेंसरी दंगा केस शामिल है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन करने वालों को सोमवार को कोरोनावायरस से भी खतरनाक बताया है।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित और कई महत्वपूर्ण याचिकाओं को देखते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबडे ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार होली की सात दिनों की छुट्टियों के दौरान अवकाश पीठ का गठन किया है और यह पीठ इस दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई करेगी।

आयोजकों ने तुरंत पुलिस को बुलाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी लड़की को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। प्रदर्शनकारी लड़की की पहचान अमूल्य के रूप में हुई है।

शरजील को इस मामले से जुड़े होने को लेकर सोमवार को गिरफ्तार किया गया और एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उसकी रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने मामले में दायर आरोप-पत्र में उसे लोगों को उकसाने के लिए नामजद किया है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ यहां शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के कारण दो महीने से बंद रास्ते को खुलवाने के लिए दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, वजाहत हबीबुल्लाह और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वार्ताकार नियुक्त किया।