नागरिकता संशोधन अधिनियम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में प्रदर्शन करने वालों को सोमवार को कोरोनावायरस से भी खतरनाक बताया है।

सुप्रीम कोर्ट में लंबित और कई महत्वपूर्ण याचिकाओं को देखते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद बोबडे ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार होली की सात दिनों की छुट्टियों के दौरान अवकाश पीठ का गठन किया है और यह पीठ इस दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई करेगी।

आयोजकों ने तुरंत पुलिस को बुलाया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी लड़की को हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। प्रदर्शनकारी लड़की की पहचान अमूल्य के रूप में हुई है।

शरजील को इस मामले से जुड़े होने को लेकर सोमवार को गिरफ्तार किया गया और एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। उसकी रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उसे मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने मामले में दायर आरोप-पत्र में उसे लोगों को उकसाने के लिए नामजद किया है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ यहां शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के कारण दो महीने से बंद रास्ते को खुलवाने के लिए दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, वजाहत हबीबुल्लाह और साधना रामचंद्रन को प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए वार्ताकार नियुक्त किया।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार को कहा कि सोशल मीडिया पर 15 दिसंबर की रात की घटना का वायरल हो रहा वीडियो उन्होंने जारी नहीं किया है।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) कोर्ट ने बुधवार को मामले में सुनवाई करते हुए 20 दिसंबर को मुजफ्फरनगर में प्रदर्शन के दौरान 'सार्वजनिक संपत्ति को हुए व्यापक नुकसान' का हवाला देते हुए यह आदेश दिया। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है।

पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मुद्दों पर संबोधित करेंगे।

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में 29 जनवरी को भड़काऊ भाषण देने के मामले में गिरफ्तार किए गए डॉक्टर कफील खान को अलीगढ़ कोर्ट से जमानत मिल गई है।

नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन (एनआरसी) के विरोध में पिछले करीब दो महीने से जारी शाहीन बाग में प्रदर्शन पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर प्रदर्शनकारियों को हटाने का आदेश देने से इनकार कर दिया है।