नागरिकता संशोधन कानून

दिल्ली पुलिस ने पिंजरा तोड़ संगठन से जुड़ी दो लड़कियां नताशा और देवांगना को गिरफ्तार किया है। दरअसल, जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर सीएए के खिलाफ महिलाओं की अचानक भीड़ जुट गई थी, जिसके बाद हिंसा हुई थी।

नरेंद्र मोदी 2.0 के गठन के बाद से गरीब, महिला, किसान, युवा, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर को सीधा फायदा पहुंचाया जा रहा हैं।

कोरोना के इस संकट काल के बीच भी कराए गए सर्वे की मानें तो पीएम नरेंद्र मोदी के ऊपर 71 प्रतिशत से ज्यादा देश की जनता का भरोसा कायम है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दिल्ली प्रमुख परवेज अहमद और सचिव मोहम्मद इलियास को दंगों से इनके संबंध के चलते गिरफ्तार किया है। 

अभी तक दानिश से की गई पूछताछ में सामने आया है कि प्रतिबंधित संगठन PFI न सिर्फ CAA विरोधी आंदोलन में शामिल रहा था, बल्कि हिंसा भड़काने में भी उसकी भूमिका थी।

अदालत ने कहा, "बिना कानूनी उपबंध के नुकसान वसूली के लिए पोस्टर में फोटो लगाना अवैध है। यह निजता के अधिकार का हनन है। बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी की फोटो सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना गलत है।"

ताहिर हुसैन के साथ काम करने वाले बाप बेटे का दिल्ली दंगों में बड़ा रोल सामने आया है। रियासत अली और लियाकत अली नाम के इन दोनों बाप बेटों पर आरोप है कि चांद बाग में हिंसा के दौरान ये दोनों ताहिर हुसैन की छत पर मौजूद थे।

कपिल मिश्रा को लेकर एक फेक न्यूज एनडीटीवी की तरफ से प्रसारित किया गया जिसके बाद चैनल को इस पूरे प्रकरण पर सोशल मीडिया पर सफाई देनी पड़ी।

मोहसिन रजा ने कहा कि सीएम योगी ने कहा था कि हम सीएए विरोध के नाम पर उपद्रव करने वालों को बेनकाब करेंगे, तो ये वो उपद्रवी चेहरे हैं, जिन्होंने प्रदेश की जनता को नुकसान पहुंचाया।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद लखनऊ के चौराहों पर इन तमाम उपद्रवियों के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इन तमाम लोगों पर प्रदर्शन के नाम पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।