नागरिकता संशोधन बिल

नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी को फाड़ने को लेकर अकबरूद्दीन ने कहा कि, 'वो असद ओवैसी था, जिसने संसद में फाड़ा था। अभी अकबरूद्दीन की बारी है फाड़ने की।'

लोकसभा और राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर मोदी सरकार को साथ देने के बाद जदयू प्रमुख नीतीश कुमार के रुख राष्ट्रीय नागरिकता पंजीकरण(NRC) के मुद्दे पर बदल गए हैं।

इस दौरान सदन की कार्यवाही ने कई सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी 'रेप इन इंडिया' के बाद हालांकि सदन में शुक्रवार को सत्तापक्ष द्वारा हंगामा किए जाने के बाद इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित भी करना पड़ा।

गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान सीमा का एक लंबा हिस्सा सीमावर्ती राज्य पंजाब से लगता है। भारत से पाकिस्तान जाने व पाकिस्तान से भारत आने का सबसे प्रमुख रास्ता भी पंजाब से ही होकर जाता है व इसी रास्ते सैकड़ों हिंदू शरणार्थी भारत आए हैं।

सरकारी कार्यालयों, बैंकों में उपस्थिति सामान्य के करीब रही, जबकि कुछ जगहों पर शैक्षिक संस्थान खुले हैं और कुछ जगहों पर बंद रही। दुकानें, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आंशिक रूप से खुले रहे।

नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया है। इसका राज्यसभा से भी पास होना मोदी सरकार के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है। बता दें कि इस बिल के पक्ष में राज्यसभा में 125 वोट मिले और इसके खिलाफ 105 वोट पड़े।

इसपर फाइनल वोटिंग से पहले बिल में संशोधन को लेकर कांग्रेस और टीएमसी ने अपना 1-1 प्रस्ताव वापस ले लिया था। विपक्ष की तरफ से बिल में 14 संशोधन को लेकर प्रस्ताव दिया गया था, जिसमें से एक भी पास ना हो सका।

एक अदालत में सुनवाई के बाद हुमा की मां नगीना यूनुस ने पाकिस्तान में हो रहे अत्याचारों को लेकर कहा कि क्या पाकिस्तान में अपहरण और धर्म परिवर्तन ही उनका भविष्य है।

इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग कह रहे हैं कि हम वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, मैं उन सब साथियों को कहना चाहता हूं कि हमने चुनाव के पहले ही ये इरादा देश के सामने रखा था, जिसे देश की जनता ने समर्थन दिया है। कुछ लोगों द्वारा भ्रांति फैलाई जा रही है कि ये बिल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है।

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिल की कॉपी भी फाड़ी और साथ ही जेडीयू दफ्तर में तोड़-फोड़ की।