नागालैंड

Assembly bypoll : भारतीय जनता पार्टी (BJP) की केंद्रीय चुनाव समिति ( BJP Central Election Committee) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लिए जिन प्रत्याशियों के नाम पर स्वीकृति दी है उनमें नौगावन सादत से संगीता चौहान, बुलंदशहर से उषा सिरोगी, टूंडला से प्रेमपाल धनगर, बांगरमऊ से श्रीकांत कटियार, घाटमपुर से उपेंद्र पासवान और मल्हानी से मनोज सिंह का नाम शामिल है।

Flipkart: मशहूर ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) को लेकर नागालैंड (Nagaland) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आ रहा है। जिसमें कंपनी ने एक ग्राहक को ऐसा बयान दिया कि बाद में मांगनी पड़ी माफी।

शिमला पुलिस (Shimla Police) की तरफ से इस बात की पुष्टि की गई कि 70 वर्षीय अश्विनी कुमार (Ashwani Kumar) अपने घर में फांसी के फंदे पर झूलते पाए गए। बता दें कि हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के सिरमौर निवासी अश्विनी कुमार 1973 बैच के IPS ऑफिसर थे।

नागा शांति-वार्ता के सफल हो जाने की स्थिति में इस संगठन और इसके स्वयम्भू नेता को अप्रासंगिक हो जाने का डर है; क्योंकि यह संगठन वास्तव में बहुसंख्यक नागा समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करता।

भूकंप आने के पीछे मुख्‍य वजह धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं। ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है।

दिल्ली एयरपोर्ट से भी 82 के करीब उड़ानों के कैंसिल होने की सूचना मिली। इसमें से अलग-अलग राज्यों के लिए उड़ाने कैंसिल की गईं। पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के 32 बच्चे भी इसी वजह से एयरपोर्ट पर फंस गए।

ऐसा ही एक मामला नागालैंड के दीमापुर से आया है जहां बिहार के पूर्णिया और मधेपुरा जिले के मज़दूर फंसे हुए थे। मदद के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से भावपूर्ण वीडियो के जरिए गुहार लगाई।

हिमालय के वनों व तराई में मिलने वाली दुर्लभ एवं जीवनरक्षक औषधियों का लाभ जल्द ही शहरी लोग भी ले सकेंगे। सरकार ने आयुर्वेदिक उपचार की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हिमालय की गोद में आयुर्वेदिक नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट को मंजूरी दे दी है।

जहां एक तरफ नागरिकता संशोधन विधेयक के राज्यसभा से पारित होने के बाद से हीं पूर्वोत्तर के राज्यों में जमकर बवाल मचा है वहीं मणिपुर में इस बिल के पास होने के बाद से ही लोग जश्न मना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमएवाई-जी) के तहत अब तक 88 लाख से ज्यादा मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में दी।