निजामुद्दीन

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने दायर अपने हलफनामे में कहा कि निजामुद्दीन मरकज मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।

आरएसएस ने कहा कि इनके (जमात) कारण कोरोना ग्रस्त लोगों की संख्या बढ़ी है और यह बात सभी लोग मान रहे हैं। आरएसएस के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने कहा कि अगर उनका नेतृत्व समय पर कार्यक्रम निरस्त करता तो अच्छा रहता।

दिल्‍ली के निजामुद्दीन मरकज से तबलीगी जमात के कोरोना संक्रमण संदिग्‍धों को ले जाकर तुगलकाबाद में क्‍वारंटीन सेंटर (पृथक केंद्र) में रखा गया है।

रेलवे अधिकारियों ने 21 मार्च को ही तबलीगी जमात के सदस्यों की सक्रियता के बारे में एक इनपुट प्रदान कर दिया था।

इससे पहले मरकज ने 167 तबलीगी कार्यकर्ताओं को  27, 28 और 29 मार्च को हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया था। लेकिन डोभाल के हस्तक्षेप के बाद ही जमात मस्जिद की साफ सफाई कराने पर राजी हुई।

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मौलाना के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही मौके पर डॉक्टरों की एक टीम डेरा डाले हुए हैं।

तबलीगी जमात मामले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए कहा है कि जब सारे मंदिर और मस्जिद बंद हैं तो फिर इस तरह की हरकत करने की हिम्मत किसकी हुई

दिल्ली में तबलीगी जमात में भाग लेने वाले कई विदेशी नागरिक उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मस्जिदों में ठहरे हुए थे, जिन्हें मंगलवार को पकड़ा गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि तबलीगी जमात के आयोजन में शामिल हुए उत्तर प्रदेश के सभी लोगों की पहचान कर ली गई है

कोरोना संकट के बीच दिल्ली स्थित मरकज निजामुद्दीन में विभिन्न राज्यों से आए लोगों में तेलंगाना के कुछ लोगों की कथित मौत के बाद मंगलवार को मरकज निजामुद्दीन ने अपने परिसर को संगरोध सुविधा के रूप में इस्तेमाल करने की सरकार को पेशकश की है।