निजामुद्दीन मरकज

निजामुद्दीन मरकज मामले में तबलीगी जमात से संबद्ध लोगों को अदालत से जमानत दिये जाने पर विश्व हिंदू परिषद ने सवाल उठाया है। इस मसले पर विहिप ने विदेशी तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को महज 7 हजार के जुर्माने पर छोड़े जाने पर प्रश्न खड़ा किया है।

दिल्ली की एक अदालत ने मार्च में निजामुद्दीन मरकज में जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए आठ अलग-अलग देशों के 76 विदेशी जमातियों को जमानत दे दी है।

मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये केंद्र पर है। केंद्र सरकार को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है जिस पर कानून के मुताबिक सरकार कदम उठा सकती है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 10 जुलाई को तय की है।

सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि काफी लोगों को मस्जिद के अंदर से नमाज पढ़ने के बाद आते हुए देखा जा सकता है। इसी बीच मौलाना साद भी हाथ में कुछ लेकर मस्जिद से बाहर आते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, तबलीगी जमात के प्रमुख ने आज दिल्‍ली के जाकिर नगर की अबू बकर मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की। बताया जा रहा है कि थोड़ी देर रुककर वह वापस लौट गया।

भले ही दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच दो महीने बाद भी निजामुद्दीन मरकज तबलीगी कांड के मुख्य आरोपी मौलाना मो. साद पर हाथ नहीं डाल पायी हो, मगर वो अदालत में चार्जशीटें धुंआधार तरीके से भरने में लगी है। अब आज यानि गुरुवार को दिल्ली पुलिस 12 और नई चार्जशीट दाखिल करने जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक निजामुद्दीन मरकज़ मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने मौलाना साद के 5 करीबियों के पासपोर्ट जब्त कर लिया है। इन पांचों आरोपियों के ऊपर पहले से ही एफआईआर दर्ज हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने देश में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों पर बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत को तब सबसे बड़ा झटका लगा जब निजामुद्दीन मरकज से जुड़े मामले सामने आए।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक तबलीगी जमात में मौलाना साद के अलावा इन पांचों आरोपियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मरकज से जुड़ा कोई भी फैसला हो, मौलाना साद इनको उसमें जरूर शामिल करता था।

पीयूष के पिता ने कहा, "मुझे 10 दिन पहले पता चला कि मेरा बेटा मरकज में है। इसके बाद पुलिस ने प्रयास किया और उसे वापस लाने में मदद की।" उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली से वापस आने के बाद मेरे बेटे की मानसिक स्थिति स्थिर नहीं है और वह किसी से बात भी नहीं करना चाहता है।"