निर्मला सीतारमण

बिहार(Bihar), पश्चिम बंगाल, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्य जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस बात को जोर-शोर से उठा सकते हैं। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री(Finance Minister) अमित मित्रा ने तो केंद्रीय वित्त मंत्री को लेटर लिखकर इस बारे में मांग भी कर दी है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिये पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के दौरान उन्होंने मजदूरों के घर वापसी के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रवासी मुद्दे पर विपक्ष को राजनीति करने की जगह मिलकर काम करना चाहिए। मैं सोनिया गांधी से हाथ जोड़कर अपील करती हूं कि इस मुद्दे पर राजनीति न करें।

वित्त मंत्री ने अपनी घोषणा में सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब के स्थापना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, अब देश में हर ब्लॉक में सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब की स्थापना की जाएगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाएगा।

स्कूली बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा के लिए सरकार ने 12 चैनल शुरू करने का फैसला किया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बच्चों की शिक्षा के लिए 'वन क्लास वन चैनल' योजना के तहत 12 नये चैनल शुरू करने का ऐलान किया।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त जारी करते हुए कोयला क्षेत्र के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के फंड का एलान किया। इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि कोयला सेक्टर में सरकार का एकाधिकार खत्म होगा और सही कीमत पर ज्यादा कोयला उपलब्ध होगा। सीतारमण ने कहा कि इसके लिए 50 ब्लॉक में काम शुरू होगा और सरकार खुली नीलामी कराएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए सरकार एक लाख करोड़ देगी। ये एग्रीग्रेटर्स, एफपीओ, प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी आदि के लिए फार्म गेट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए दिया जाएगा जैसे कोल्ड स्टोरेज।

प्रधानमंत्री ने देश के सामने आत्मनिर्भर भारत के साथ विजन रखा-

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि बैंक यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं कि मौजूदा कोरोनावायरस स्थिति से व्यवसायों के लिए तरलता (नकदी) संकट पैदा न हो।

निर्मला सीतारमण ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना देश के 20 लाख चिकित्साकर्मियों को मदद करेगी, यदि वह इस योजना का लाभ उठाना चाहें।