पराली

अपने पिता व दिवंगत केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की 70वीं जयंती पर अपने समर्थकों की ताकत दिखाते हुए पंकजा ने अपने गृह जनपद से अपने आलोचकों व पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पराली जलाने के मामले से निपटने के लिए बुधवार को कृषि मंत्रालय को निर्देश दिया कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों को प्राथमिकता के आधार पर उपकरण बांटे जाएं। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री का यह पहला प्रत्यक्ष हस्तक्षेप है।

पराली जलाने को लेकर पंजाब में सरकार और किसानों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों पर लाखों का जुर्माना लगा दिया है। धड़ाधड़ एफआईआर की जा रही है। किसान इस बात से बेहद भड़के हुए हैं।

इस बार दिल्ली वालों ने दिवाली पर पटाखों नहीं फोड़े यह सोचकर कि उनको प्रदूषण से छुटकारा मिलेगा, लेकिन नतीजा वही का वही निकला। पंजाब और हरियाणा में जलाई जा रही पराली ने दिल्ली का हवा को जहरीला बना दिया, जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी।

पर्यावरण वैज्ञानिकों को भी इस बात की सही वजह समझ में नहीं आ रही। कुछ का कहना है कि क्योंकि बिल्कुल हल्की बारिश हुई है और इतनी बारिश प्रदूषण हटाने के लिए काफी नहीं है, बल्कि इसकी वजह से प्रदूषण के कण ह्यूमिडिटी बढ़ने पर और ज्यादा कंसंट्रेटेड हो गए हैं।

पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण बढ़ने वाले प्रदूषण से दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है। पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रहे एनसीआर में लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है।

अनोखी पहल : पराली नहीं जलाने वाले किसानों को हवाई मार्ग से टूर पर ले जा रहा सरपंच

प्रदूषण के इस हद तक बढ़ने का कारण पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में किसानों द्वारा पराली जलाना है।

खट्टर सरकार के इस फैसले के मुताबिक पराली जलाने के बारे में जानकारी देने पर 1000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई फसल अवशेष प्रबंधन योजना की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया लिया गया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की तरफ से कहा गया है कि इस प्रकार की घटनाओं की सूचना देने वाले को 1000 रुपए इनाम दिया जाएगा और उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।