पीओके

पाकिस्तान (Pakistan) के कब्जे वाले कश्मीर (POK) के मुजफ्फराबाद (Muzaffarabad) शहर में सोमवार रात बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और मशाल रैली (Protests and torch rally) निकाली गई।

सामाजिक कार्यकर्ता(Social Activist) और पत्रकार तनवरी अहमद कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उन्होंने पीओके अथॉरिटीज से मांग की थी कि इलाके से सभी पाकिस्तानी झंडों(Pakistani Flag) और चिह्नों को हटा लिया जाए।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के लोगों में चीन (China) के खिलाफ फूटा गुस्सा। मुजफ्फराबाद (Muzaffarabad) में लोगों ने रैली निकाल कर चीन की कंपनियों की ओर से बनाए जा रहे बांध का विरोध किया।

नई दिल्ली। नेपाल की राह पर पाकिस्तान भी चल पड़ा है। पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने विवादित नक्शे को...

पाकिस्तान से पहले नेपाल ने भी ऐसा ही कारनामा किया है। उसने भी विवादित नक्शे को मंजूरी दी, जिसमें भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को शामिल किया गया।

चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन भारत को मात देने के लिए लगातार कोशिश किए जा रहा है। जिसके लिए वो भारत के पड़ोसी देशों का सहारा ले रहा है।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके के मुजफ्फराबाद में लोग चीन और पकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों ने नीलम और झेलम नदी पर बन रहे बांध के अवैध निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'जम्मू जन संवाद' को संबोधित किया। जहां उन्होंने कहा है कि थोड़े समय के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर खुद कहेगा कि हमें भारत के साथ रहना है, न कि पाकिस्तान के साथ।

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बौद्ध धरोहर को नुकसान पहुंचाने के मामले में भारत ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

ताइवान की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सत्तारूढ़ बीजेपी द्वारा समर्थन देने से चीन तिलमिला गया है। तिलमिलाए कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के शासन ने भारत से अपने 'आंतरिक' मामलों में दखल से बचने को कहा है।