पीयूष गोयल

पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार तक 100 वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाई।

भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने कोविड-19 के दौरान जिस तरह देश के लोगों की सेवा की इसके साथ ही रेलवे ने विकास के नए-नए आयाम भी गढ़े। भारतीय रेलवे तीव्र गति से विकास के पथ पर दौड़ रही है। ऐसे में तस्वीरों के जरिए आप बेहतर तरीके से समझ सकते हैं रेलवे के विकास की कहानी।

Indian Railways: इस पुल(Cable stayed Rail Bridge) को मजबूत और इसकी दक्षता बढ़ाने के लिए जंप शटरिंग, पंप कॉन्ट्रास्टिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है। यह श्रमिकों के लिए उच्च सुरक्षा भी प्रदान करता है और माना जा रहा है कि इसके निर्माण में लगने वाला समय 30% कम हो जाएगा।

Farmers Protest: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने यह चिट्ठी किसानों के नाम संबोधन में लिखी है। इस पत्र में नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान भाईयों को संबोधित करते हुए लिखा है। सभी किसान भाइयों और बहनों से मेरा आग्रह ! "सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास" के मंत्र पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बिना भेदभाव सभी का हित करने का प्रयास किया है। विगत 6 वर्षों का इतिहास इसका साक्षी है।

Indian Railway: नए डिजाइन Split Option के साथ-साथ अलग से एक Slide Seat दी गई है, जो विंडो की तरफ होती है। इसमें यात्री अपनी मर्जी के अनुसार इस्तेमाल कर सकेगा।

Kulhad Tea: बता दें कि प्लास्टिक(Plastic) वैसे भी हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। ऐसे में प्लास्टिक के कपों में गर्म चीज का सेवन हमारी सेहत खराब कर सकता है।

Indian Railway : रेल मंत्री(Rail Minister) ने कहा कि रेल मंत्रालय(Railway Ministry) ने यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिये सार्वजनिक निजी साझेदारी के माध्यम से चुनिंदा मार्गो पर निवेश करने और आधुनिक रैक शामिल करने के लिये आवेदन आमंत्रित किये हैं।

कोरोना महामारी(Corona Virus) के सामने आने के बाद 25 मार्च से ट्रेनों(Trains) का परिचालन बंद कर दिया गया था। उसके बाद से अभी तक नियमित ट्रेन सेवा बंद ही है।

भारतीय रेलवे की कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री ने एक ऐसा कोच विकसित किया है, जो यात्रियों को कोरोना के खतरे से बचाएगा।

सरकार ने 109 रूट्स पर प्राइवेट प्लेयर्स की मदद से 151 आधुनिक ट्रेन चलाए जाने की योजना तैयार की है। सरकार के इस फैसले से रेलवे के निजीकरण को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।