पुलवामा

Surgical Strike: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान (Pakistan) को एक बार फिर भारत की सर्जिकल स्‍ट्राइक (Surgical Strike) का डर सताने लगा है। इस बार डर इतना है कि उसने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर भी रखा दिया है।

Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) में बुधवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो आतंकियों को ढेर कर दिया है।

Nagrota case: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) से एक और आतंकी पकड़ा (Terrorist Arrested) गया है। ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। पकड़ा गया आतंकी त्राल का रहने वाला बताया जा रहा है।

Pampore encounter: दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर (Pampore) सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया गया है। दो आतंकी अभी घिरे हुए हैं।

India: इसी मामले में भारतीय मीडिया (Indian Media) की तरफ से जिस तरह की कवरेज की गई है उससे पाकिस्तान (Pakistan) घबरा गया है। पाकिस्तान के मंत्री फवाद चौधरी (Pakistan Minister Fawad Chaudhary) भले इस बयान पर सफाई दे चुके हैं। लेकिन भारतीय मीडिया के इस प्रकरण पर कवरेज से पाकिस्तान कितना डरा हुआ है इसका उदाहरण है पाकिस्तान के सूचना मंत्री शिबली फराज (Pakistani I&B Minister Shibli Faraj) का बयान।

Pulwama: फवाद(Fawad) ने कहा कि 14 फरवरी को पुलवामा(Pulwama) में जो हुआ, वह निश्चित तौर पर दहशतगर्दी थी। इस पर हमारे प्राइम मिनिस्टर ने भी बात कर ऑफर दिया था कि आप सबूत दीजिए।

दक्षिण कश्मीर (South kashmir) के पुलवामा (Pulwama) जिले के मारवाल (Marwal) में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों (Terrorists and security forces) के बीच मंगलवार को मुठभेड़ शुरू (Encounter Started) हो गई।

जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) में शनिवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से हुई मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश के प्रशांत शर्मा शहीद (Martyr in Encounter) हो गए। रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर मुजफ्फरनगर स्थित घर (The body reached home in Muzaffarnagar) पहुंचा।

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा (Pulwama) में मुठभेड़ (Encounter) के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली। सेना ने तीन आतंकवादियों को मार गिराया (Three terrorists killed) है। इसके साथ ही एक भारतीय जवान (One Martyr) भी शहीद हो गए।

NIA ने इस मामले में कई चुनौतियों का सामना किया, जैसे कि सात आरोपियों के मुठभेड़ और आत्मघाती हमले में मारे जाने से कोई सबूत नहीं मिले, लेकिन केंद्रीय एजेंसी ने सबूत जुटाने के लिए DNA प्रोफाइलिंग सहित फोरेंसिक टेस्ट की मदद ली।