पूजा

छठ पर्व और सूर्य देव की पूजा का उल्लेख भारत के दोनों महाकाव्यों महाभारत और रामायण में है।

प्रयास करें कि सूर्य को जब अर्घ्य दे रहे हों, सूर्य का रंग लाल हो।

छठ पूजा से पहले यूट्यूब पर भोजपुरी सिंगर्स के कई गाने छाए हुए हैं। खेसारी लाल यादव, आम्रपाली दुबे, मालिनी अवस्‍थी, शारदा सिन्‍हा, पवन सिंह, मैथिली ठाकुर जैसे गायकों के कई गाने धूम मचा रहे हैं। इस बीच छठ का गाना 'काँच ही बाँस के' वायरल हो रहा है जिसमें कुछ बच्‍चें नजर आ रहे हैं।

शोध के लिए इस्तेमाल की गई बैटरी को चार्जिंग के समय वैज्ञानिक 60 डिग्री सेल्सियस तापमान तक लेकर गए और फिर उसे ठंडा किया। इससे बढ़े तापमान में बैटरी की गर्मी को सीमित किया जाता है और बैटरी की लाइफ बढ़ जाती है।

महालक्ष्मी सदैव भगवान विष्णु की सेवा में लगी रहती हैं, शास्त्रों में जहां-जहां विष्णु और लक्ष्मी का उल्लेख आता है वहां लक्ष्मी श्री हरि के चरण दबाते हुए ही बताई गई हैं।

पौराणिक कथा के अनुसार, सूर्य भगवान की पत्नी का नाम छाया था। उनकी कोख से यमराज और यमुना का जन्म हुआ था। यमुना अपने भाई यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो।

दो तरीके से मां काली की पूजा की जाती है, एक सामान्य और दूसरी तंत्र पूजा। सामान्य पूजा कोई भी कर सकता है। माता काली की सामान्य पूजा में विशेष रूप से 108 गुड़हल के फूल, 108 बेलपत्र एवं माला, 108 मिट्टी के दीपक और 108 दुर्वा चढ़ाने की परंपरा है।

धनतेरस के दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार किसी भी रूप में चांदी एवं अन्य धातु खरीदना अति शुभ माना जाता है।

इस साल छठ पर्व 31 अक्टूबर को 'नहाय-खाय' से शुरू होगा, और तीन नवंबर को 'पारण' के साथ समाप्त हो जाएगा। यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की पष्ठी को मनाया जाता है।

इस पूजन के पश्चात तिजोरी में गणेशजी तथा लक्ष्मीजी की मूर्ति रखकर विधिवत पूजा करें।