पूजा

लड़के-लड़कियां, बच्चे-बुजुर्ग सभी पीएम मोदी का मुखौटा पहनकर झूमते-नाचते दिखे। इस बात से पीएम मोदी की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

नवरात्रि पूजन और रावण दहन यानि की विजय दशमी के बाद दीवाली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इसी के साथ घरों की साफ-सफाई और सजाने का काम शुरू हो जाता है। लोग अपने घरों के पर्दे, सोफा कवर सब नए खरीदते है ताकि उनका घर बिल्कुल नया दिखे।

पीतमपुरा के दिल्ली हाट में इस बार डांडिया नाइट का आयोजन बहुत धूम-धड़ाके के साथ किया जा रहा है। डांस-गाने से लेकर फूड स्टॉल और कई तरह के गेम्स का आयोजन यहां हो रहा है।

9 दिन की नवरात्रि में इस वर्ष दो सोमवार आ रहे हैं। यह अत्यंत शुभ संयोग है क्योंकि सोमवार को दुर्गा पूजा का हजार, लाख गुना नहीं बल्कि करोड़ गुना फल मिलता है। चूंकि सोमवार का स्वामी चन्द्रमा है।

हाथी का कान सूप जैसा मोटा होता है। गणेश जी को बुद्धि का अनुष्ठाता देव माना गया है।  मनुष्य के अंदर लोभ को अंत करने के लिए गणेश जी के इस रूप की पूजा विशेष फलदायी होती है। कर्क राशि के व्यक्तियों को गणेश जी के इस अवतार की पूजा करनी चाहिए।

श्री राधा रानी जो भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बरसाने में राधा जी का जन्म हुआ था। इस दिन को राधाष्टमी के नाम से मनाया जाता है। इस तिथि को श्री राधाजी का प्राकट्य हुआ था।

आज भी यहां भगवान गणेश के भक्त पूरे उत्साह के साथ गणेशोत्सव मना रहे हैं और बप्पा की सेवा में लीन दिख रहे है। भगवान गणेश के प्रसिद्ध ''लाल बाग के राजा'' गणेश मंडल पर सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

ऐसा माना जाता है कि मंदिरों में अक्सर कुर्ता-पायजामा, धोती-कुर्ता या फिर फॉर्मल कपड़े पहनकर जाना ही सही है। औरतों के अलावा पुरुषों के लिए भी मंदिरों में जाने के लिए कुछ नियम और कायदे हैं।

इस गाने से पहले पूजा के "दिलों का शूटर" और "स्वैग वाली टोपी" जैसे गाने सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। गाने में पहले की ही तरह दबा हुआ सा म्यूजिक और बीट्स से बिलकुल अलग भागते ढिंचैक पूजा के बोल सुनने को मिलते हैं।

"उज्जैन" की  परिक्रमा का पुण्य फल प्राप्त होता है , इन चारो को क्रम अनुसार करने से अवंतिका नगरी में विराजमान समस्त देवी देवता शक्तिया पितृ यक्ष गन्धर्व संत ऋषि जल कुण्ड व् अन्य समस्त देव स्थान आदि  की परिक्रमा स्वतः ही हो जाती है।