पृथ्वी

ऋग्वेद के अधिकांश देवता प्रकृति की शक्ति हैं। सूर्य, पृथ्वी, जल, वायु, मरूत, नदी आदि देव प्रकृति में प्रत्यक्ष हैं। लेकिन इन्द्र प्रकृति की प्रत्यक्ष शक्ति नहीं हैं। ऋग्वेद में सभी देवों की तुलना में इन्द्र की सबसे ज्यादा स्तुतियां हैं।

पूर्वज अनुभूति में पृथ्वी सजीव है। यह निर्जीव नहीं है। लाखों जीवों की धारक है। इसी में उगना उदय और अस्त होना प्रत्येक प्राणी की नियति है। यह जननी है। पृथ्वी को माता कहने वाले यह ऋषि अंधविश्वासी नहीं हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस बार अर्जेंटीना और चीली जैसे देशों में ही पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखेगा। जबकि उरुग्वे, पराग्वे, इक्वाडोर और ब्राज़ील के इलाकों में लोग आंशिक सूर्य ग्रहण ही देख पाएंगे।

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