पेट्रोल-डीजल

राहुल ने कहा, 'कोरोना संकट और चीन के साथ बिगड़ते हालात के बीच सरकार ने आम आदमी को अपने हालात पर छोड़ दिया है। इसमें कहा गया कि लोगों के पास रोज़गार नहीं है और केंद्र सरकार 21 दिनों से हर रोज दाम बढ़ाए जा रही है।'

भोपाल में कांग्रेस ने रोशनपुरा चौराहे से मुख्यमंत्री आवास तक साइकिल रैली निकालने का ऐलान किया था और बड़ी संख्या में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में जुटे।

लगातार 13 दिनों में दिल्ली में पेट्रोल 7.11 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है और डीजल की कीमत 7.69 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है। अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर शुक्रवार को अगस्त डिलीवरी ब्रेंट क्रूड के वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 0.70 फीसदी की तेजी के साथ 41.80 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले ब्रेंट का भाव 42.01 डॉलर प्रति बैरल तक उछला।

अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज यानी आईसीई पर बुधवार को अगस्त डिलीवरी ब्रेंट क्रूड के वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 1.12 फीसदी की कमजोरी के साथ 40.50 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था।

उन्होंने आगे कहा कि चौ​था पहिया है चुनाव आयोग, वहां जो आप कहते हैं वो होता है। गाड़ी के चार पहिये चल नहीं रहे तो गाड़ी आगे चलेगी कैसे? ड्राइवर सीट पर आप बैठे हैं। न आपको पूरी तरह से जानकारी है ​कि हमारे देश की आर्थिक स्थिति किस मोड़ पर है, न आपके वित्त मंत्री को है।

कुछ और सुविधाएं हैं जिन्हें एक जून से शुरू किया जा रहा है। जिनमें पंजाब में गर्भवती महिलाएं 'ई-संजीवनी' पर ओपीडी परामर्श ले सकेंगी, कर्नाटक में मंदिर, मस्जिद और चर्च सहित सभी धार्मिक स्थल खुलेंगे।

पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है, दरअसल पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल बेहद सस्ता होने वाला है।

पेट्रोल और डीजल के दाम में रविवार को लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। तेल विपणन कंपनियों ने फिर देश के विभिन्न शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम में 18-20 पैसे प्रति लीटर की कटौती की है।

पेट्रोल और डीजल के दाम में शुक्रवार को फिर लगातार दूसरे दिन कटौती की गई। देश की राजधानी दिल्ली में इन दो दिनों में पेट्रोल 30 पैसे और डीजल 22 पैसे सस्ता हुआ है।

पेट्रोल और डीजल के दाम में सोमवार को कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन कच्चे तेल में करीब तीन फीसदी की गिरावट आई। चीन में कोरोनावायरस का प्रकोप गहराने और इसका प्रभाव दूसरे देशों पर भी होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास को लेकर बनी चिंता के कारण कच्चे तेल के दाम में गिरावट आई है।