प्रज्ञा ठाकुर

मध्यप्रदेश के भोपाल संसदीय क्षेत्र से भाजपा की सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने रविवार को फिर एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर बड़ा हमला बोला है।

कांग्रेस की एक गलती ने प्रज्ञा ठाकुर को वापसी का बड़ा मौका दे दिया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस पर ना सिर्फ करारा पलटवार किया है बल्कि वह अब कांग्रेस की सोच के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी में भी हैं।

बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के पद चिन्हों पर चलने वालों की संख्या बढ़कर बढ़ती जा रही है। प्रज्ञा के यह समर्थक कोई और नहीं बल्कि बीजेपी के ही विधायक हैं।

भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने बीते रोज लोकसभा में दिए अपने बयान पर उपजे विवाद पर गुरुवार को सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने "ऊधम सिंह जी का अपमान नहीं सहा, बस"

राजनाथ सिंह ने भी लोकसभा में प्रज्ञा के बयान की निंदा करते हुए कहा, "नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहे जाने की बात तो दूर, हम उन्हें देशभक्त मानने की सोच की ही निंदा करते हैं। महात्मा गांधी हम लोगों के आदर्श हैं। वह पहले भी हमारे मार्गदर्शक थे और भविष्य में भी मार्गदर्शक रहेंगे। उनकी विचारधारा उस समय भी प्रासंगिक थी, आज भी है और आगे भी रहेगी।"

भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में एसपीजी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का हवाला 'देशभक्त' के तौर पर दिया जिसको लेकर कांग्रेस सदस्यों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

प्रज्ञा ठाकुर का बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैला रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और हेमा मालिनी ने संसद परिसर में झाड़ू लगाकर सफाई की थी।

आजाद ने कहा, "मेरी शिकायत प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) से इस बारे में है कि भाजपा प्रत्याशी ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान ऐसी टिप्पणी की। उस पर आपने क्या कार्रवाई की।"

भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के लिए राहत की खबर आई है। मालेगांव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा ठाकुर ने एनआईए की स्पेशल कोर्ट में अर्जी दी थी कि उन्हें पेशी से छूट दी जाय।

प्रज्ञा को क्लीन चिट दिए जाने के संकेत पार्टी महासचिव अनिल जैन ने कहा, "प्रज्ञा ठाकुर ने अपने बयान पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांग ली थी और प्रायश्चित करते हुए 21 प्रहर का उपवास रखा था।