प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली

भारत (India) और नेपाल (Nepal) के बीच सीमा विवाद को लेकर बढ़ी तल्खी के बीच अब रिश्तों में आई तल्खी सामान्य होते दिख रही है। सीमा विवाद के बीच दोनों देशों ने आज पहली बार बातचीत की है।

बता दें कि पिछले महीने ओली ने नेपाल के ठोरी के पास रहे अयोध्यापुरी में भगवान राम का जन्मस्थान होने का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि राम का असली जन्मस्थान नेपाल में ही है।

केपी ओली ने बेतुका बयान देते हुए कहा था कि भारत ने सांस्कृतिक तथ्यों का अतिक्रमण किया है। ओली ने कहा था कि हम आज तक समझते हैं कि हमारी सीता का विवाह भारतीय राम से हुआ था। जबकि राम की असली जन्मभूमि नेपाल ही है।

भगवान राम और उनके जन्म स्थान पर विवादित बयान देने के बाद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चारों ओर से घिर गए हैं। भारत के साथ-साथ नेपाल में भी उनका जमकर विरोध हो रहा है।

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत में स्थित अयोध्या पर सोमवार को विवादित बयान दिया। जिसके बाद नेपाल और भारत दोनों जगह कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब पीएम ओली के बयान पर हनुमान गढ़ी महंत राजूदास ने पलटवार किया है।

चीन के इशारे पर चलकर भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने वाले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। एक तरफ प्रधानमंत्री ओली भारत को दुश्मन बता रहे हैं तो विदेश मंत्री दोस्त बता रहे हैं।

नई दिल्ली में खुफिया सूत्रों ने कहा कि हिमालयी गणराज्य नेपाल में युवा चीनी राजदूत होउ यानकी नेपाल की सीमा को फिर से परिभाषित किए जाने के लिए कॉमरेड ओली के कदम के पीछे एक प्रेरणादायक कारक रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मोतिहारी-अमलेखगंज (नेपाल) पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन का उद्घाटन किया। यह दक्षिण एशिया की पहली क्रॉस-बॉर्डर पेट्रोलियम उत्पादों की पाइपलाइन है। पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस पाइपलाइन का उद्घाटन किया।