प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी यूपी को कांग्रेस के रिवाइवल का सेंटर बनाने की कोशिश में हैं।यही वजह है उन्होंने लखनऊ में स्थाई निवास बनाने का इरादा कर लिया है।

प्रियंका ने अपने शुभकामना संदेश में लिखा है, प्रिय भारती और आशीष, वैवाहिक जीवन में बंधने के लिए आप दोनों को बहुत-बहुत बधाई। मेरी शुभकामना है कि आप दोनों का वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा हो और आप दोनों एक दूसरे के अच्छे दोस्त बनकर एक भरपूर जिंदगी गुजारें।

बसपा सुप्रीमो ने कहा, "कांग्रेस की नेता उत्तर प्रदेश में तो आए दिन यहां घड़ियालू आंसू बहाने आ जाती हैं। लेकिन राजस्थान में कल (शुक्रवार को) वह अपने निजी कार्यक्रम के दौरान अपना थोड़ा सा भी समय कोटा में उन बच्चों की मांओं के आंसू पोंछने के लिए निकालना उचित नहीं समझती हैं, जबकि वह भी एक मां हैं, यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है।"

वाराणसी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात से रोके जाने पर महिला नेता श्‍वेता राय ने जमकर हंगमा किया। उन्होंने कांग्रेस छोड़ देने तक का ऐलान कर दिया।

पंचगंगा घाट पर जाने के लिए भैंसासुर घाट पर नाव पर चढ़ते समय कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू पानी में गिर गए। पास मौजूद सुरक्षाकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें तुरंत संभाला।

सूत्रों के अनुसार, प्रियंका बीएचयू में छात्रों से अनौपचारिक रूप से मिलेंगी। बीएचयू सूत्रों ने कहा है कि प्रियंका के दौरे के लिए औपचारिक अनुमति नहीं दी गई है।

देशभर में फैल रही नागरिकता संशोधन कानून की आग को कम करने के लिए बीजेपी ने जागरूकता अभियान का आगाज कर दिया है। बीजेपी ने जनता को नागरिकता संशोधन एक्ट के समर्थन में करने के लिए भाजपा के कद्दावर नेताओं को जनता के बीच उतार दिया है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से पीड़ित कई परिवारों से यहां शनिवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौलाना असद ने मुझे बताया कि पुलिस ने मदरसे के अंदर घुसकर छात्रों को बेरहमी से पीटा और फिर बच्चों को जेल में डाल दिया। प्रियंका शनिवार को सीधे मौलाना असद के घर पहुंचीं, जहां उन्होंने पीड़ितों से बात की।

प्रियंका गांधी अचानक ही मुजफ्फरनगर पहुंच गई। वो यहां हिंसा में प्रभावित लोगों के परिवारों से मिलीं। बता दें, इससे पहले उन्होंने मेरठ जाने की कोशिश की थी मगर प्रियंका को रोक दिया गया था।

राजस्थान के कोटा अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। कोटा जिले के जेके लोन अस्पताल में दिसंबर के अंतिम दो दिन में कम से कम 8 और शिशुओं की मौत हो गई। इसके साथ ही इस महीने अस्पताल में मरने वाले शिशुओं की संख्या 100 हो गई है।