बसपा

एक ओर जहां 15 विधायक पहले से सरकार से नाराज हैं और उन्होंने अपना समर्थन वापस लेने का ऐलान किया है, तो वहीं अब मायावती ने अपने विधायक से कहा है कि वो फ्लोर टेस्ट से दूर रहे।

सोनभद्र नरसंहार में मारे गए दस लोगों के परिवार के सदस्यों से मिलने की जिद पर अड़ीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एक बार फिर चुनार गेस्ट हाउस के बाहर धरना पर बैठ गईं।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार तथा उनकी पत्नी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

मायावती ने ट्विटर पर कहा, "भाजपा एक बार फिर कर्नाटक व गोवा में जिस प्रकार से अपने धनबल व सत्ता का घोर दुरुपयोग करके विधायकों को तोड़ने का काम कर रही है वह देश के लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। वैसे अब समय आ गया है जब देश में दल-बदल करने वालों की सदस्यता समाप्त करने वाला सख्त कानून बने।"

मायावती का सबसे बड़ा फोकस अपने दलित वोट बैंक को वापिस खींचना है। वे अब खांटी दलित राजनीति की दिशा में लौटने की कवायद में हैं।

मायावती ने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यदि ऐसा करना ही है, तो पहले अनुसूचित जाति का कोटा बढ़ाया जाए, जिससे कि कोटे में शामिल हुईं 17 नई ओबीसी जातियों को इसका लाभ मिल सके। लेकिन ऐसा नहीं किया गया है इसलिए यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। सिर्फ उपचुनाव में फायदा लेने के लिए प्रदेश सरकार ऐसा कर रही है।"

लोकसभा चुनाव 2019 में सपा-बसपा ने एकसाथ मिलकर मोदी के विजय रथ को रोकने की कोशिश की लेकिन नाकामयाब हुए। नतीजे आए तो चुनाव पूर्व गठबंधन पर फूले नहीं समा रहे अखिलेश-मायावती को निराशा हाथ लगी।

सभी पदाधिकारियों से कहा गया कि विधानसभा के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर मजबूती से काम करें। संगठन लेवल की बैठक में सुप्रीमो मायावती ने इसको लेकर खास निर्देश जारी किए।

लोकसभा 2019 चुनावों में सपा के साथ गठबंधन में उम्मीद के मुताबिक सफलता ना मिलने पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमों मायावती आज(23 जून) को बैठक करके पार्टी में बड़ा उलटफेर कर सकती हैं।

रेप का आरोप झेल रहे राय वोटिंग के दौरान और नतीजे के दिन भी फरार थे। इसके बावजूद वो बीजेपी सांसद हरिनारायण राजभर से 1,22,018 हजार मतों से जीत गए।