बसपा

बसपा(BSP) ने अपनी तैयारियां भी तेज कर दी हैं। प्रत्याशी चयन को लेकर भी बसपा चेहरों पर मंत्रणा शुरू कर दी है। उपचुनाव(By Elections) की कई सीटों पर बसपा का असर बताया जा रहा है बसपा यहां के वोट बैंक को प्रभावित करती है।

वहीं ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक भारती कहते हैं कि राजस्थान के सियासी घटनाक्रम में बसपा का स्टैंड तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक रूप से इसका संदेश सही नहीं गया है।

वैसे देखा जाय तो एक साल पहले ही राजस्थान विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष ने बहुजन समाज पार्टी की राज्य ईकाई का कांग्रेस में विलय की मंजूरी दे दी है।

मायावती ने कांग्रेस और उसके नेताओं को भी निशाने पर लिया। हालांकि उन्होंने किसी नाम न लेते हुए कहा कि चीन के मुद्दे पर कांग्रेस के लोग बेहूदी बातें करते हैं।

उत्तर प्रदेश के बस पॉलिटिक्स का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने यूपी सरकार को 36.36 लाख रुपये का बिल भेजकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

मायावती ने लॉकडान में फंसे मजदूरों व गरीब लोगों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से उनके घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था कराने की मांग की है।

मोहसिन रजा ने कहा कि सीएम योगी ने कहा था कि हम सीएए विरोध के नाम पर उपद्रव करने वालों को बेनकाब करेंगे, तो ये वो उपद्रवी चेहरे हैं, जिन्होंने प्रदेश की जनता को नुकसान पहुंचाया।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए माायावती ने एक से ज्यादा ट्वीट कर डाले। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि, "शिवसेना अपने मूल एजेण्डे पर अभी भी कायम है, इसलिए इन्होंने नागरिकता संशोधन बिल पर केन्द्र सरकार का साथ दिया और अब सावरकर को भी लेकर इनको कांग्रेस का रवैया बर्दाश्त नहीं है।"

यूपी में समाजवादी पार्टी अब नई राह पकड़ती नजर आ रही है। वोट की खातिर सपा की ओर से अब दलितों को लुभाने की कोशिश शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी पहली बार बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का परिनिर्वाण दिवस बड़े पैमाने पर मनाएगी।

उत्तर प्रदेश के बीएचयू स्थित संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के फिरोज खान की नियुक्ति और इसके विरोध का प्रकरण अब और विवादित होता नजर आ रहा है। इस मामले में बसपा मुखिया मायावती अब फिरोज खान के समर्थन में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का ढुलमुल रवैया ही मामले को बेवजह तूल दे रहा है।