बसपा

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा)  सुप्रीमो मायावती ने ऐलान किया है कि वह इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि अभी मेरे जीतने से ज्यादा गठबंधन की सफलता ज्यादा जरूरी है।

मायावती पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मायावती हमारे नेता पर शौक़ीन होने के आरोप लगाने से पहले अपने गिरेवान में झाँक लेती तो ठीक था। जो महिला रोज फेशियल कराती हो वो महिला किसी के शौक़ीन होने पर सवाल कर रही है। विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि मायावती खुद रोज फेशियल करवाती हैं।

संजय दत्त ने 2009 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ने का फैसला किया था लेकिन मुंबई बम धमाकों में नाम होने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उन पर सख्ती बरती और वे चुनाव नहीं लड़ पाए।

2007 से 2012 के बीच बसपा शासनकाल के दौरान नेतराम प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के तौर पर तैनात थे और ताकतवर अफसरों में उनकी गिनती होती थी। बताया जाता है कि कैबिनेट मंत्रियों को भी नेतराम से मिलने के लिए मुख्यमंत्री से मिलने की तरह समय लेना पड़ता था।

सपा-बसपा गठबंधन में राष्ट्रीय लोकदल के शामिल होने की औपचारिक घोषणा हो गई है। रालोद तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसका ऐलान जयंत चौधरी व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में हुआ।

लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) बिहार में महागठबंधन से अलग राह पकड़ते हुए अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। बसपा ने राज्य की सभी 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है। इसको लेकर बसपा की अध्यक्ष मायावती ने राज्य के नेताओं की दिल्ली में बैठक बुलाई है।

प्रियंका गांधी की एक्टिव पॉलिटिक्स ने भले ही 2019 चुनाव को और दिलचस्प बना दिया हो पर यूपी में अधिकतर वोटर मानते हैं कि प्रियंका की एंट्री से कांग्रेस को लाभ नहीं होगा लेकिन इसका नुकसान बीजेपी से ज्यादा एसपी-बीएसपी गठबंधन को होगा। ये खबर एक चैनल के सर्वे के जरिए सामने आई है।

लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश के सियासी रण को जीतने के लिए सपा और बसपा ने गठबंधन किया है। तो वहीं, बीजेपी इसकी काट निकालने को और दलितों के दिल में जगह बनाने के लिए सूबे के हर शहर में खिचड़ी भोज का आयोजन करेगी। मंगलवार से बीजेपी दलित बस्तियों में खिचड़ी भोज की शुरुआत करने जा रही है, जो कि 25 फरवरी तक जारी रहेगा।

लोकसभा चुनाव होने में  अब कुछ दिनों का इंतजार और रह गया है। ऐसे  में हर एक पार्टी अपनी - अपनी रणनीति बनाने में लग गई है। पक्ष और विपक्ष लगातार एक-दूसरे पर वार - पलटवार कर रहा है और जनता को चुनावी रणनीतियों से लुभाने की कोशिश कर रहा है।आने वाले लोकसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा, इस सवाल का जवाब हर कोई अपनी ओर से तलाश रहा है।

विवादित बयान देने वालों की सूची में भाजपा के एक और नेता विधायक साधना सिंह का नाम जुड़ गया है। चंदौली में विधायक ने एक ऐसा बयान दे डाला है जो भाजपा के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।