बसपा

इससे पहले 4 जून को मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा था कि, बसपा को सपा के वोट ट्रांसफर नहीं हुए। साथ ही उन्होंने यादव वोट के सपा से खिसकने का भी दावा किया।

गठबंधन पर मायावती ने कहा-सपा में बदलाव हुए तो फिर साथ आएंगे नहीं तो अकेले लडेंगे

आखिरकार सपा-बसपा के गठबंधन में आ गई दरार

मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, चुनाव नतीजों से साफ है कि बेस वोट भी सपा के साथ खड़ा नहीं रह सका है। सपा की यादव बाहुल्य सीटों पर भी सपा उम्मीदवार चुनाव हार गए हैं।

मायावती के तेवर देखकर लग रहा है कि उनका गठबंधन से मन भर गया है ऐसे में अखिलेश यादव ने भी जो संकेत दिए उससे भी लग रहा है कि उनका भी गठबंधन से मोहभंग हो चुका है।

क्या सपा-बसपा गठबंधन में आई दरार

इस चुनाव में डिंपल और अक्षय की सीट हारकर सपा को शिवपाल यादव की कमी जरूर खली होगी। माना जाता है कि कन्नौज सीट के स्थानीय सपा नेता और कार्यकर्ता शिवपाल यादव के ज्यादा करीबी हैं

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवपाल भले ही अपनी पार्टी को कोई सीट नहीं दिला पाए, मगर सपा को नुकसान जरूर पहुंचाया। उन्हें अक्षय यादव की हार का कारण माना जा रहा है।

यह साफ है कि समाजवादी पार्टी ने इन सीटों पर बसपा को अपने वोट स्थानांतरित किए हैं, लेकिन बसपा का वोट सपा के उम्मीदवारों को स्थानांतरित नहीं हुआ। गठबंधन की ओर एक बड़ी दुर्घटना राष्ट्रीय लोकदल रही है।

लोकसभा चुनावों के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल से पता चल रहा है कि इस बार फिर से मोदी सरकार आने वाली है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश मेें सियासी घमासान जारी है। विरोधी दलों में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।