बसपा

उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर हुए उपचुनाव के परिणाम घोषित हो गए हैं। इसमें भाजपा ने 8 और सपा ने 3 सीटों पर जीत दर्ज की है। समाजवादी पार्टी ने रामपुर के अलावा जलालपुर और जैदपुर पर सीट जीतकर अपने विधायकों की संख्या में इजाफा किया है

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब धीरे-धीरे विपक्ष का किला ढहाने में जुट गई है। विधानसभा के विशेष सत्र का बहिष्कार कर विपक्ष ने भले ही भाजपा के अभियान को फीका करने का प्रयास किया हो, मगर कांग्रेस, बसपा और सपा के बागी विधायकों की सदन में मौजूदगी ने विपक्ष के बहिष्कार अभियान को पलीता लगाया है।

उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनावों को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में रविवार को समाजवादी पार्टी ने दस प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। रविवार रात लगभग आधे घंटे चली बैठक में कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शैलजा भी मौजूद रहीं।

हरियाणा में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं और मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच बताया जा रहा है। क्षेत्रीय पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) पहले ही दो फाड़ हो चुकी है।

उन्होंने मायावती को बेईमान बताया है जो अधिकतम फायदा लेने के बाद दूसरों को धोखा दे देती हैं। यहां मीडिया से एक अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा, "मायावती बिजली के नंगे तार जैसी हैं। उन्हें जो भी छुएगा, मर जाएगा।"

बहुजन समाज पार्टी ने एक बार फिर से मायावती के पार्टी की कमान सौंपी है और उन्हें निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। बसपा की राष्ट्रीय मीटिंग में सर्वसम्मति से इस फैसले पर अमल किया गया।

उन्होंने मंगलवार को ट्वीट किया, "उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल की कीमत में भारी वृद्धि महंगाई बढ़ाने व करोड़ों गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के पेट पर लात मारने वाला क्रूर कदम है। बदतर कानून-व्यवस्था, महंगाई व बेरोजगारी से त्रस्त जनता का दु:ख और बढ़ेगा। सरकार जनहित पर ध्यान केंद्रित करे तो बेहतर है।"

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बयान दिया था कि पहलू खान मामले में लोअर कोर्ट का फैसला चौंका देने वाला है। हमारे देश में अमानवीयता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भीड़ द्वारा हत्या एक जघन्य अपराध है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने दिल्ली के तुगलकाबाद में दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा संत रविदास मंदिर ढहाने पर अपना विरोध जताया है। उन्होंने इसके लिए केन्द्र व दिल्ली सरकार की मिलीभगत का आरोप भी लगाया।