बहुजन समाज पार्टी

एक के बाद दूसरी हार से चरमराई बहुजन समाज पार्टी में बड़ा बदलाव किया गया है। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने इस बदलाव के तहत पार्टी का पूरा ढांचा ही बदल दिया है। पार्टी के भीतर सालों से चली आ रही जोनल व्यवस्था को खत्म कर दिया है। बीएसपी को अब सेक्टरों में बांट दिया गया है।

यूपी में 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर ताल ठोका था, लेकिन हालत ये हुई कि 6 सीटों पर बसपा की जमानत जब्त हो गई।

जानकारी के मुताबिक, राम जी गौतम सुबह जब मॉर्निंग वॉक पर वह 8:30 बजे पार्टी दफ्तर आ रहे थे तभी हाथों में BSP का झंडा लिए भरतपुर से आए कार्यकर्ताओं ने उन्हें पकड़कर पहले तो पीटा और फिर मुंह काला कर

हरियाणा के पूर्व मंत्री और तीन बार के विधायक करतार सिंह भड़ाना शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी(बसपा) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में शामिल हो गए। पार्टी के महासचिव अरुण सिंह ने भाजपा मुख्यालय में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बुधवार को कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्घांजलि अर्पित की। इस दौरान बसपा प्रमुख ने उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।

इन छह विधायकों के शामिल होने से गहलोत सरकार पूर्ण बहुमत में आ गई है। बीएसपी विधायकों ने सोमवार देर रात कांग्रेस की सदस्यता ली। रात 10:30 बजे सभी विधायक विधानसभा पहुंचे और कांग्रेस में शामिल हुए।

उन्होंने मायावती को बेईमान बताया है जो अधिकतम फायदा लेने के बाद दूसरों को धोखा दे देती हैं। यहां मीडिया से एक अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा, "मायावती बिजली के नंगे तार जैसी हैं। उन्हें जो भी छुएगा, मर जाएगा।"

उन्होंने मंगलवार को ट्वीट किया, "उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोल व डीजल की कीमत में भारी वृद्धि महंगाई बढ़ाने व करोड़ों गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के पेट पर लात मारने वाला क्रूर कदम है। बदतर कानून-व्यवस्था, महंगाई व बेरोजगारी से त्रस्त जनता का दु:ख और बढ़ेगा। सरकार जनहित पर ध्यान केंद्रित करे तो बेहतर है।"

मायावती ने ट्वीट किया, "संविधान की 'सामाजिक, आर्थिक व राजनैतिक न्याय' की मंशा को देश भर में लागू करने हेतु जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी धारा 370 व 35ए को हटाने की मांग काफी लम्बे समय से थी। अब बसपा उम्मीद करती है कि इस संबंध में केंद्र सरकार के फैसले का सही लाभ वहां के लोगों को आगे मिलेगा।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को हटाने का संकल्प पेश किया। यह अनुच्छेद जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करता है। संकल्प पेश होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया।