बहुजन समाज पार्टी

राज्य में सत्ता बदले सात माह बीत गए हैं। इस दौरान दमोह जिले से बसपा विधायक रामबाई अपने बयानों और कार्यशैली के कारण सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही हैं। उन्होंने दिसंबर और जनवरी में आक्रामक रुख अपनाया और कई कर्मचारियों की पिटाई तक कर दी। जब उनका मंत्री बनने का मोह जागा तब उन्होंने कई अटपटे बयान दे डाले।

प्रदेश की कमलनाथ सरकार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से गठबंधन करके फिर मुसीबतों में पड़ गई है। अल्पमत में गई सरकार को सहारा देने वाली दो बसपा विधायकों में एक के पति एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता की हत्या के मामले में वांछित हैं।

मायावती का सबसे बड़ा फोकस अपने दलित वोट बैंक को वापिस खींचना है। वे अब खांटी दलित राजनीति की दिशा में लौटने की कवायद में हैं।

लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी तकरार लगातार जारी है। वहीं इन सबके बीच सुप्रीमो मायवाती ने ट्वीट कर समाजवादी पार्टी के साथ अपना गठबंधन आधिकारिक रूप से खत्म कर लिया है।  

मायावती ने कहा है कि अखिलेश ने मुझे संदेश भिजवाया कि मुसलमानों को ज्यादा टिकट नहीं दूं। इसके पीछे धार्मिक आधार पर वोटों का ध्रुवीकरण होने का तर्क दिया गया। हालांकि मैंने उनकी बात नहीं मानी।

सभी पदाधिकारियों से कहा गया कि विधानसभा के उपचुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर मजबूती से काम करें। संगठन लेवल की बैठक में सुप्रीमो मायावती ने इसको लेकर खास निर्देश जारी किए।

प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार अयोध्या पहुंचे नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली में ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या आकर मैं खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने आरक्षण को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मोदी द्वारा आरक्षण पर देश को गुमराह करने का प्रयास जारी है।

अमरोहा लोकसभा सीट पर मतदान के दूसरे चरण के दौरान भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) फर्जी मतदान को लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान संपन्न होने के दौरान उस पर हेराफेरी व धांधली करने का आरोप लगाया और साथ ही चुनाव आयोग को आगाह करते हुए कहा कि वह मतदान के शेष छह चरणों के दौरान अपनी 'संवैधानिक जिम्मेदारी' निभाएं।