बिकरू गांव

गौरतलब है कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) के घर दबिश देने पहुंची कानपुर पुलिस (Kanpur) की टीम पर घात लगाकर बैठे गैंगस्टर और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था, जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा (Devendra Mishra) सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

पुलिस अब तक इस चर्चित कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह अपराधियों का एनकाउंटर कर चुकी है। 18 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। जबकि, विकास दुबे का भाई दीपक दुबे, राजाराम, शिव तिवारी, विष्णु पाल यादव उर्फ जिलेदार, रामू बाजपेई, गोपाल सैनी, हीरू दुबे, शिवम दुबे फरार हैं।

गौरतलब है कि 2-3 जुलाई की रात कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। पुलिस शातिर बदमाश विकास दुबे को पकड़ने गई थी और उन पर बदमाशों ने हमला कर दिया, इसमें 8 जवान शहीद हो गए थे।

रिचा ने कहा कि, बिकरू शूटआउट में विकास ने जो किया वो दंडनीय अपराध था। उन्होंने टीवी पर न्यूज देखकर कहा था कि अब वो एक छत के नीचे नहीं रहेंगे। यह कृत्य भयानक था।

रिचा ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उस रात बिकरू में क्या कुछ हुआ। मेरे पति मर चुके हैं, लेकिन मेरी उम्मीद जिंदा है।" रिचा ने कहा कि विकास दुबे उनके भाई राजू निगम के एक अच्छे मित्र थे। उन्होंने कहा, "मेरी उनसे मुलाकात 1990 में हुई और मेरे भाई ने ही हमारी शादी कराई।"

बिकरू कांड के बाद भी जय सीधे विकास के संपर्क में था। उसने विकास और उसके गुर्गों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी।

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद मोस्ट वांटेड बने विकास दुबे की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सोमवार को सामने आ गई है। जिसके मुताबिक, विकास दुबे की मौत गोली लगने के बाद खून बहने के अलावा शॉक की वजह से हुई है।

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया, "विकास दुबे पुत्र राम कुमार दुबे निवासी विकरू थाना, चौबेपुर जनपद कानपुर नगर को गिरफ्तार तथा दण्डित कराने की सूचना देने पर अब पांच लाख रूपये की धनराशि दी जाएगी।"