बोर्ड परीक्षा

राजस्थान को 10वीं की बची हुई परीक्षाएं कल और परसों आयोजित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट में रविवार अवकाशकालीन बेंच ने विशेष सुनवाई में वह याचिका खारिज कर दी जिसमें सूबे में कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर परीक्षा अभी न कराए जाने की मांग की गई थी।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीएसई बोर्ड एग्जाम को लेकर नया हलफनामा पेश कर दिया है। नए हलफनामे में साफ किया गया है कि सीबीएसई और आईसीएसई दोनों के नतीजे 15 जुलाई से पहले घोषित कर दिए जाएंगे।

मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लिया है। एमपी बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 9 जून से 16 जून तक होने जा रही है। इसमें प्रदेश भर से करीब साढ़े 8 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को 1 जून से अपने नजदीकी स्कूलों में जाकर रिपोर्ट करना होगा। यह नियम उन छात्रों पर लागू होगा जो दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ समेत किसी भी शहर से पलायन करके अपने गांव अथवा घरों को लौट चुके।

बोर्ड परीक्षाओं के विषय पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, "स्कूली शिक्षा के लिए एक विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है जिसने अपना काम लगभग लगभग पूरा कर लिया है।

सीबीएसई बोर्ड ने 10 वीं और 12वीं की डेटशीट जारी कर दी है। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एक जुलाई से 15 जुलाई तक सीबीएसई 10वीं की परीक्षा होगी। वहीं 12वीं की परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच होंगी। बोर्ड परीक्षाओं को कोरोना के कारण बीच में ही टाल दिया गया था।

ऐसे छात्र जो 9वीं से 10 वीं और 11 वीं से 12 वीं कक्षा में पहुंचे हैं, उनके लिए स्कूल बंद होने के बावजूद विशेष कक्षाओं की व्यवस्था की गई है। यह विशेष व्यवस्था अगले वर्ष होने वाली छात्रों की बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के बाद ही अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। हालांकि सीबीएसई अब 83 पाठ्यक्रमों के बजाय 29 मुख्य पाठ्यक्रमों की बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा।

यूपी में बोर्ड परीक्षाओं को बेहद सख्ती से संचालित कराया जा रहा है। इसी का असर है कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या चार लाख के पार पहुंच गई है।

शिक्षा विभाग संभालने वाले उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी नोडल अधिकारी नामित किया गया है, ताकि छात्रों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।