भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

इसरो का जीसैट-30 को यूरोपियन हैवी रॉकेट एरियन-5 से शुक्रवार को सुबह करीब दो बजकर 35 मिनट पर फ्रांस के फ्रेंच गुएना स्थित कोरोउ द्वीप से छोड़ा गया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को 3.25 बजे ताकतवर रडार इमेजिंग सैटेलाइट रीसैट-2बीआर1 की सफल लॉन्चिंग कर दी है। यह सेटेलाइट श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के लांचिंग पैड से लॉन्च किया गया।

मोहाली(पंजाब)। नोबेल पुरस्कार विजेता सर्जे हरोशे ने बुधवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के वैज्ञानिक निश्चित ही...

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के अनुसार, विक्रम का दूसरा डी-ऑर्बिटल ऑपरेशन बुधवार तड़के 3.42 बजे ऑनबोर्ड संचालन तंत्र का उपयोग करते हुए शुरू हुआ और नौ सेकेंड में पूरा हो गया।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(ISRO) के लिए आज का दिन बेहद खास माना जा रहा है, ऐसा इसलिए कि क्योंकि आज के ही दिन चांद पर उतरने के लिए चंद्रयान-2 से विक्रम लैंडर अलग होगा।

सिवान ने आईएएनएस को बताया, "अभियान के अंतिम 30 मिनट बहुत मुश्किल भरे थे। घड़ी की सुई के आगे बढ़ने के साथ-साथ तनाव और चिंता बढ़ती गई। चंद्रयान-2 के चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करते ही अपार खुशी और राहत मिली।" उन्होंने कहा, "हम एक बार फिर चांद पर जा रहे हैं।"

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का चंद्रयान-2 मंगलवार सुबह चांद की कक्षा में स्थापित हो गया। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, योजना के अनुरूप मंगलवार सुबह 9.02 बजे लूनर ऑर्बिट इंसर्शन (एलओआई) सफलतापूर्व सम्पन्न हो गया। चंद्रयान-2 के सभी सिस्टम बिल्कुल सही तरीके से काम कर रहे हैं।

इसरो की वेबसाइट के अनुसार, 12 अगस्त, 1919 को अहमदाबाद में जन्मे साराभाई अंबालाल और सरला देवी के आठ बच्चों में से एक थे। इंटरमीडिएट विज्ञान की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने अहमदाबाद में गुजरात कॉलेज से मैट्रिक किया।

इसरो के विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि इसरो वैज्ञानिकों ने हीलियम लीकेज की समस्या को ठीक कर दिया है। कुछ टेस्ट बाकी हैं जो 18 जुलाई तक पूरे हो जाएंगे। 22 जुलाई को दोपहर 2.52 बजे चंद्रयान-2 लॉन्च किया जा सकता है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के दूसरे मून मिशन Chandrayaan-2 की लॉन्चिंग, लॉन्च से 56.24 मिनट पहले रोक दी गई।