भारतीय इतिहास

आदि कवि वाल्मीकि ने भारतीय इतिहास के मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का चरित्र चित्रण किया। रामकथा की धूम मच गई। ऐसा पुरूषोत्तम बस एक है। विश्व इतिहास में श्रीराम जैसा दूसरा महानायक नहीं है। वह इतिहास में हैं, इतिहास से परे।

आर्य बाहर (विदेश) से आए थे या यहीं (भारत) के निवासी थे? इस सवाल का जवाब मिल गया है। दरअसल, हरियाणा के हिसार जिले के राखीगढ़ी में हुई हड़प्पाकालीन सभ्यता की खोदाई में कई राज से पर्दा उठा है।

ऋग्वेद के रचनाकाल के पहले भी एक संस्कृति थी, सभ्यता थी और दर्शन भी था। ऋग्वेद में उपलब्ध संस्कृति व सभ्यता के तत्व पूर्व वैदिक काल का विस्तार हैं।