भारत-चीन सीमा

चीनी आक्रामकता का जवाब देने के लिए भारत ने पड़ोसी देश के साथ लगती सीमा पर और 35 हजार सैनिक बढ़ाने का फैसला किया है।

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच, डीआरडीओ ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी के लिए सेना को 'भारत ड्रोन' दिया है।

हाल के दिनों में चीन के साथ चल रहे गतिरोध ने इसकी भूमिका को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है। चीन सीमा पर जाने के लिए भारतीय सैनिक इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

भारत-चीन सीमा विवाद के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरा तय हुआ था लेकिन उसे एक दिन पहले ही कैंसिल कर दिय गया था।

सूत्रों ने कहा गलवान घाटी में भारतीय क्षेत्र पर अब चीनी सैनिक नहीं हैं। जानकारी दी कि चीनी सैनिकों द्वारा बनाए गए अस्थायी ढांचे हटाए गए हैं।

लद्दाख में गलवान घाटी, दौलत बेग ओल्डी, हॉट स्प्रिंग्स, चुशूल जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को सैटेलाइट फोन कनेक्शन मिलेगा। ये सभी इलाके वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे हैं।

नई दिल्ली। हाल ही में लद्दाख के दो दिवसीय दौरे से वापस लौटे सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने आज...

सोमवार को गृह मंत्रालय में भारत चीन बॉर्डर मैनेजमेंट को लेकर एक बड़ी बैठक हुई। जिसमें तय किया गया है कि चीन सीमा पर बनाई जा रही सड़कों में तेजी लाने का किया जाएगा।

सेना और भारतीय वायु सेना ने चीन के किसी भी दुस्साहस से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए एलएसी पर अपनी अभियानगत तैयारियों को पहले ही तेज कर दिया है।

लद्दाख की गलवन घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद अब भारतीय सेना और सख्त हो गई है। सेना ने चीन से लगी सभी सीमाओं के अग्रिम मोर्चो पर तैनाती बढ़ा दी है।अब चीनी सैनिकों को कोई भी कदम उठाने से पहले दस बार सोचना सोचना होगा, क्योंकि भारतीय सेना इस मोर्चे पर कोई कसर छोड़ने को तैयार नहीं है। इतना ही नहीं कई सीमावर्ती गांवों को भी खाली कराया जा रहा है।