भारत चीन सीमा विवाद

भारत-चीन विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) पर लगातार हमला बोल रहे हैं। इस कड़ी में राहुल गांधी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की व्यक्तिगत साहस की कमी की वजह से देश को कीमत चुकानी होगी।

अधिकारियों ने कहा कि एयर चीफ मार्शल भदौरिया (IAF Chief RKS Bhadauria) ने मिग- 21 बाइसन (Mig-21 Bison) विमान में उड़ान भरने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अड्डे की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की।

दरअसल भारत-चीन तनाव को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी संभावित युद्ध की तैयारी के लिए वायुसेना के पायलट हिमाचल प्रदेश में राफेल जेट के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं।

आपको बता दें कि भारत सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने का अनुबंध किया है। इस डील के तहत पहले चरण में भारतीय वायुसेना को 5 राफेल विमान मिल गए हैं जो 29 जुलाई को अंबाला पहुंचे थे।

सेना और वायु सेना द्वारा लद्दाख सेक्टर के फॉरवर्ड इलाकों में चीन की सीमा के साथ तैनात किया गया है। ड्रोन चीनी सेना द्वारा disengagement को सत्यापित करने में मदद कर रहे हैं और साथ ही साथ उनकी टुकड़ियों की संख्या की जानकारी पता लगाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच मेजर जनरल-स्तरीय वार्ता, दौलत बेग ओल्डी में देपसांग के मैदानों से सैनिकों और मैटेरियल को हटाने को लेकर हो रही है। 3 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अभिजीत बापट भारतीय पक्ष से वार्ता की अगुवाई कर रहे हैं।

चीन के साथ बढ़ रहे तनाव के बीच देश के सबसे बड़े मध्य कमान की सैन्य तैयारियों का जायजा लेने सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे शुक्रवार को लखनऊ में थे।

मंत्रालय ने कहा कि चीनी अतिक्रमण एलएसी पर बढ़ रही है और विशेष रूप से 5 मई, 2020 से गलवान घाटी में ज्यादा बढ़ गई है। चीनी पक्ष ने 17 मई और 18 मई को कुंगरांग नाला, गोगरा और पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट के क्षेत्रों में अतिक्रमण किया है।

दूतावास की ओर से कहा गया, 'इन सालों में कंफ्यूशियस संस्थानों ने भारत में चीनी भाषा शिक्षण को बढ़ावा देने और चीन-भारत के लोगों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसे भारतीय शिक्षा समुदाय द्वारा मान्यता मिली हुई है।'

दरअसल चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत ने भी नॉर्दन लद्दाख इलाके में सेना की तैनाती बढ़ा दी है। बता दें कि पूर्वी लद्दाख में हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनातनी जारी है।