भोपाल

मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण का रिकवरी रेट 71.1% हुआ है। वहीं देश के 20 कोविड संक्रमित शहरों से भोपाल बाहर हो गया है। अब मप्र का सिर्फ इंदौर शहर ही है, जो इस सूची में 7वें नंबर पर है। इससे पहले भोपाल 11वें और इंदौर चौथे नंबर पर था।

कोरोना के मामले पूरे देश में बढ़ते जा रहे हैं। वहीं मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। अब मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 10 हजार के पार पहुंच गया है। ऐसे में भोपाल को हफ्ते में दो दिन बंद करने का ऐलान किया गया है।

सवाल करते हुए कमलनाथ ने कहा कि,उन्होंने सवाल किया, “क्या मोदी जी के लॉकडाउन के नियम सिर्फ गरीबों, आमजन के लिए हैं? आपकी पार्टी के नेताओं पर यह नियम लागू नहीं होते?

कई तरह की मशीनों पर काम किया जा रहा है जो कोरोना को शायद रोक सकें। मगर फिलहाल देश में ऐसी मशीन आ चुकी है जो कोविड-19 के वायरस को सरफेस और हवा में 99 प्रतिशत तक खत्म कर सकती है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने अस्पतालों पर पुष्प वर्षा की। राजधानी का आसमान रविवार को वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टरों की गर्जना से गूंजायमान हो उठा।

इस बीच लॉकडाउन फेज-2 में कुछ छूट मिलने से आम लोगों की मुश्किलें कम हुई हैं। जरूरत का सामान सब्जी और किराना आसानी से मिल रहा है। भोपाल में लोग लॉकडाउन का पालन करते दिखाई दे रहे हैं।

मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते सरकार को तीनों जिलों, उज्जैन, भोपाल, इंदौर को पूरी तरह सील करने का फैसला लेना पड़ा है।

मध्य प्रदेश में केारोना वायरस की रोकथाम के लिए लड़ाई जारी है, मगर राजधानी में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारियों के केारोना संक्रमित पाए जाने के बाद से महकमे और सरकार दोनों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

भोपाल में एक चिकित्सक ने तो अपनी कार को ही घर में बदल लिया है, ताकि परिवार के अन्य सदस्य को कोरोनवायरस संक्रमण का खतरा न हो।

पता चला है कि विदेशों से जमात में 57 लोग आए हुए हैं जो पांच अलग-अलग मस्जिदों में रुके हुए थे। इन सभी की जांच की जा रही है। यह लोग 20 दिनों से मस्जिदों में हैं और इन सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।