भ्रष्टाचार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पूर्व की तरह ही भारत के खिलाफ जहर उगलते नजर आए। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खिलाफ विवादित टिप्पणियां की।

त्रिपुरा ने हाल ही में कोरोना पर जीत हासिल की है। अब त्रिपुरा सरकार ने भ्रष्टाचार की कमर तोड़ने का फैसला किया है।

यूपी में सरकार गठन के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के साथ समझौता नहीं करने के सरकार के वायदे पर लगातार काम कर रहे हैं।

राफेल विमान सौदे में भ्रष्टाचार, पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाक अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक को लेकर सरकार को घेरने की कवायद के बीच 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा गया और सारे दावों को धता बताते हुए मोदी 2.0 सरकार कहीं अधिक मजबूती के साथ केंद्र में आई।

साल 2019 में जब नरेंद्र मोदी सरकार प्रचंड बहुमत से आई तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की अर्थव्यवस्था को उबारने के रूप में थी।

साल 2019 में एनडीए गठबंधन को फिर से केंद्र की सत्ता मिल गई लेकिन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं को खोने का दुःख भी इस साल पार्टी के हिस्से में आया।

साल 2019 को अलविदा कहने से पहले नरेंद्र मोदी सरकार के उन तीन बड़े फैसले और तीन बड़े विवाद को जानना जरूरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा सत्ता संभाली तो उन्होंने अपनी पार्टी के घोषणापत्र पर काम करना शुरू कर दिया। मोदी 2.0 सरकार ने ऐसे कई फैसले लिए जो ऐतिहासिक रहे।

खासतौर पर विकासशील देशों के लिए यह सबसे गंभीर अपराध है। इससे सामाजिक और आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी होती है। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा भी प्रभावित होती है। करोड़ों लोग उचित शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल सुविधा और अन्य जनसुविधाओं को हासिल नहीं कर पाते हैं।

चाहे केंद्र की मोदी सरकार हो या फिर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार, भाजपा सरकार कहीं भी भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं देने वाली है और इसका साफ उदाहरण दिखता है कि योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त 7 पीपीएस अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया है।