मठ

अयोध्या में विशेष तौर पर ड्रोन से सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या के चप्पे-चप्पे की ड्रोन से निगरानी की जा रही है। यहां सुरक्षा को लेकर पहले से हाई अलर्ट है। जगह-जगह जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कोई घटना ना घटें। 

अयोध्या विवाद के संभावित फैसले व कार्तिक मेले को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है। इस सिलसिले में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने पुलिस लाइन के ग्राउंड में संयुक्त बैठक की।

5 नवंबर व 7 नवंबर को प्रशासन ने स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी ने 14 कोसी परिक्रमा के  मद्देनजर  5 नवंबर का अवकाश घोषित किया है। इसी तरह  पंचकोशी यात्रा के मद्देनजर 7 नवंबर का अवकाश घोषित किया गया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अयोध्या मामले में फैसले से पहले कई अहम कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। आरएसएस ने अपने प्रचारकों को अपने अपने केंद्रों पर मौजूद रहने के लिए कहा है। संघ के इस नवंबर महीने में कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

चीफ जस्टिस की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने 40 दिनों तक राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद मामले पर सुनवाई की। उसके बाद फैसला रिजर्व कर लिया। सुप्रीम कोर्ट इस समय दीपावली की छुट्टी पर है। 4 नवंबर को यह फिर से खुलेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार अब अयोध्या के पौराणिक मठ-मंदिरों का जीर्णोद्घार कराने का बीड़ा उठाया है। सरकार अयोध्या को पुराना वैभव लौटाने के लिए इनकी मरम्मत कराएगी और इन्हें सुंदर भी बनाएगी।