मधुमेह

सरकार जहां विभिन्न अवसरों पर मधुमेह से बचाव के अभियान चला रही है, वहीं अब इसके उपचार के लिए हर्बल दवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। काउंसिल ऑफ सांइटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च यानी सीएसआईआर की मदद से हर्बल दवाओं की खोज की गई है।

डायबिटीज की बीमारी अब जैसे आम बात हो गई है। ये बीमारी बच्चों से लेकर बडे-बूढ़ों लोगों को भी होती है। यह बीमारी पूरे विश्व के सामने एक चुनौती बनी हुई है जिस वजह से हमेशा नए-नए शोध होते रहते हैं। हाल ही में हुए एक नए शोध के अनुसार छोटे कद के लोगों में डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है।

वर्ष 2015 के दौरान आकस्मिक चोटों के कारण 4.13 लाख लोगों की जान चली गई और 1.33 लाख लोगों की आत्महत्या के कारण मृत्यु हो गई। भारत में दिव्यांगों की कुल संख्या 2.68 करोड़ बताई गई है।

लालू यादव के खून में संक्रमण है। लालू को एक छोटा फोड़ा हो गया था, जो बाद में बड़ा हो गया। इसके बाद ऑपरेशन किया गया। फोड़े के उपचार के दौरान संक्रमण का भी पता चला।

टाइप-2 मधुमेह दुनिया भर में सबसे आम बीमारियों में एक बन गया है। 2015 में इससे वैश्विक रूप से 20 से 79 की आयु के 8.8 फीसदी लोग प्रभावित थे और 2040 तक इससे 10.4 फीसदी लोगों के प्रभावित होने की संभावना है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार इस बार योगलोकेटर एप की मदद से आम जनता को योग प्रशिक्षकों, योग केन्द्रों और मुफ्त योग आयोजनों की जानकारी मिलेगी। वहीं, भुवन मोबाइल एप के जरिए योग दिवस के कार्यक्रमों के स्थान, प्रतिभागियों, आयोजकों और प्रशिक्षकों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है

गर्भावस्था के दौरान तनाव महसूस करना काफी आम है, लेकिन बहुत अधिक तनाव से गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि नींद न आना, लंबे समय तक सिरदर्द और भूख कम लगना आदि। अगर लंबे समय तक उच्च स्तर का तनाव जारी रहता है तो हृदय रोग और उच्च रक्तचाप हो सकता है। 

मंत्रालय के अनुसार, मधुमेह के रोगियों को शुरुआत में ही लाभ देने के लिए सीएसआईआर निर्मित मधुमेह की दवा बीजीआर-34 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में उपलब्ध कराई गई है।

मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित लोगों को दिल की बीमारियों से मौत का खतरा बढ़ जाता है। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में लगभग 58 प्रतिशत मौतें हृदय संबंधी परेशानियों के कारण होती हैं। मधुमेह के साथ जुड़े ग्लूकोज के उच्च स्तर से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे रक्तचाप और नजर, जोड़ों में दर्द तथा अन्य परेशानियां हो जाती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमेह से जुड़ा शर्करा का उच्च स्तर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और इससे रक्तचाप, दृष्टि व जोड़ों में दर्द व अन्य दिक्कतें पैदा होती हैं।